न्यास के संचालन में नियमों का सख्ती से करें पालन :  उपायुक्त 

जिला में विभिन्न न्यासों की समीक्षा बैठक उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में शुक्रवार संपन्न हुई। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने जानकारी देते हुए कहा कि न्यासों में समय समय पर बैठकें आयोजित

Jan 16, 2025 - 20:29
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न्यास के संचालन में नियमों का सख्ती से करें पालन :  उपायुक्त 
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    16-01-2025

जिला में विभिन्न न्यासों की समीक्षा बैठक उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में शुक्रवार संपन्न हुई। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने जानकारी देते हुए कहा कि न्यासों में समय समय पर बैठकें आयोजित करते रहें और भारतीय न्यास अधिनियम 1882 के तहत नियमों का पालन सख्ती से करें । ताकि न्यास के संचालन में तीव्रता आ सके। 

उन्होंने कहा भारतीय न्यास अधिनियम 1882 की धारा 34 के तहत  न्यास-सम्पत्ति को प्रबंध में राय लेने के लिए न्यायालय से आवेदन करने का अधिकार है। इसके अनुसार  कोई भी न्यासी आरम्भिक अधिकारिता वाले प्रधान सिविल न्यायालय की राय, सलाह, या निदेश किन्हीं ऐसे ब्यौरे, कठिनाई या महत्व के प्रश्नों से, जो न्यायालय की राय में संक्षिप्त निपटारे के लिए उचित न हों, भिन्न किसी भी ऐसे वर्तमान प्रश्न की बाबत, जो न्यास-सम्पत्ति के प्रबंध या प्रशासन के बारे में हो, लेने के लिए आवेदन, वाद संस्थित किए बिना, उस न्यायालय से अर्जी द्वारा कर सकेगा ।

ऐसी हर नियुक्ति उसे करने वाले व्यक्ति के अपने हस्ताक्षर सहित लेख द्वारा की जाएगी। नए न्यासी की नियुक्ति के समय न्यासियों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी।
जहां कि केवल एक न्यासी नियुक्त किया जाना हो और ऐसा न्यासी एकमात्र न्यासी होना हो, वहां शासकीय न्यासी, अपनी सम्मति से और न्यायालय के आदेश द्वारा, इस धारा के अधीन नियुक्त किया जा सकेगा।

इस धारा के उन उपबन्धों के अन्तर्गत, जो उस न्यासी के सम्बन्ध में हैं जो मर गया हो. उस व्यक्ति का मामला आता है जो विल में नामनिर्दिष्ट न्यासी तो हो किन्तु वसीयतकर्ता के पहले मर जाए, और जो उपबन्ध बने रहने वाले न्यासी के सम्बन्ध में हैं उनके अन्तर्गत इन्कार करने वाला या निवृत्त होने वाला न्यासी आता है, यदि वह उस शक्ति के निष्पादन में कार्य करने के लिए रजामन्द हो।

धारा 74. न्यायालय द्वारा नियुक्ति जब कभी भी ऐसी कोई रिक्ति या निरर्हता हो जाती है और धारा 73 के अधीन नया न्यासी नियुक्त करना असाध्य पाया जाता है। तब हिताधिकारी आरम्भिक अधिकारिता वाले प्रधान सिविल न्यायालय से न्यासी की या नए न्यासी की नियुक्ति करने के लिए आवेदन, वाद संस्थित किए बिना, अर्जी द्वारा कर सकेगा और न्यायालय न्यासी या नए न्यासी की नियुक्ति तदनुसार कर सकेगा।

इस अवसर पर अतिरिक्त दंडाधिकारी प्रोटोकॉल ज्योति राणा, उप मंडलाधिकारी शहरी भानु गुप्ता, जिला राजस्व अधिकारी संजीव शर्मा, तहसीलदार ग्रामीण ऋषभ शर्मा सहित कई मौजूद रहे।

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