पंचतत्व में विलीन हुए वीर सैनिक कपिल , सैनिक सम्मान के साथ हजारों नम आंखों ने दी अंतिम विदाई 

वीर सैनिक कपिल पंचतत्व में विलीन , किसको पता था कि सेना से माता-पिता और परिवार से मिलने छुट्टी आए ग्रेनेडियर कपिल के साथ ऐसी अनहोनी होगी। 8 जनवरी को उत्तराखंड के सेलाकुई में मोटरसाइकिल सड़क दुर्घटना में ग्रेनेडियर कपिल को गंभीर चोटें आई। जिसके लिए उनको आनन फानन में सेलाकुई में स्थित ग्राफिक एरा अस्पताल में दाखिल करवाया गया। बाद में मिलिट्री अस्पताल देहरादून में उपचाराधीन रहे। तब से लेकर अब तक वे जीवन से जंग लड़ते रहे। लेकिन किसे पता था

Jan 24, 2026 - 20:44
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पंचतत्व में विलीन हुए वीर सैनिक कपिल , सैनिक सम्मान के साथ हजारों नम आंखों ने दी अंतिम विदाई 
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यंगवार्ता न्यूज़ - पांवटा साहिब  24-01-2026

वीर सैनिक कपिल पंचतत्व में विलीन , किसको पता था कि सेना से माता-पिता और परिवार से मिलने छुट्टी आए ग्रेनेडियर कपिल के साथ ऐसी अनहोनी होगी। 8 जनवरी को उत्तराखंड के सेलाकुई में मोटरसाइकिल सड़क दुर्घटना में ग्रेनेडियर कपिल को गंभीर चोटें आई। जिसके लिए उनको आनन फानन में सेलाकुई में स्थित ग्राफिक एरा अस्पताल में दाखिल करवाया गया। बाद में मिलिट्री अस्पताल देहरादून में उपचाराधीन रहे। तब से लेकर अब तक वे जीवन से जंग लड़ते रहे। लेकिन किसे पता था भारतीय सेना का यह बहादुर जवान वापस घर नहीं पहुंचेगा। माता-पिता, भाई बहन व परिवार तथा रिश्तेदार और समस्त गांववासी अपने चहेते कपिल के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते रहे और पलके बिछाए अपने लाडले के घर आने की राह देखते रहे। 
लेकिन इसके विपरीत दुर्घटना से चोटिल सैनिक कपिल सेन्य अस्पताल देहरादून में जिंदगी से आखिरी जंग हार गए। जैसे ही यह खबर गांव व क्षेत्र में फैली तो पूरा क्षेत्र अपने वीर सपूत को खोकर गमगीन हो गया। किसको पता था कि हिमाचल के सिरमौर जिला के शिलाई तहसील के अंतर्गत गांव पटना में पिता पंच राम और माता जयंती देवी के वीर सपूत कपिल इस तरह अपनों को छोड़ कर दुनिया को अलविदा कह जाएंगे। बतातें चलें कि 02 जून 1998 को पिता पंच राम और माता जयंती देवी के घर गांव पटना, डाकघर बिंडला-दिगवा, तहसील शिलाई, जिला सिरमौर में जन्मे और पिछले 7 वर्षों से सेना में सेवारत जांबाज जवान अपने माता पिता के 3 बेटों और 3 बेटियों में से सबसे बड़े और होनहार थे। माता - पिता शीघ्र ही अपने लाडले की शादी करवाने की राह तक रहे थे। सिपाही कपिल 18 सितंबर 2018 में ग्रेनेडियर रेजीमेंट में भर्ती होकर 16वीं बटालियन के अंतर्गत वर्तमान में 55वीं राष्ट्रीय राइफल्स के अधीन जम्मू कश्मीर में तैनात थे। 
आज सुबह का भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा - शिलाई क्षेत्र और सैन्य टुकड़ी ने पांवटा साहिब में शहीद कपिल की देह का नम आंखों से स्वागत कर पूरे सम्मान के साथ पुष्पांजलि अर्पित की और शहीद कपिल अमर रहे के जयघोष लगाए। संगठन के सदस्यों ने शहादत पर गहरा शोक व्यक्त कर उन्हे श्रद्धांजलि अर्पित की। उसके बाद काफिला उनके पैतृक गांव पटना के लिए चला जैसे ही पार्थिव देह को लेकर काफिला गांव पहुंचा तो परिवार का रो- रो कर बुरा हाल था। सभी लोग इस दुःखद व हृदय विदारक  घटना से स्तब्ध थे। सैनिक कपिल की पार्थिव देह को पूरे सैन्य सम्मान के साथ मुखाग्नि प्रदान की गई और एक माटी का लाल सदा के लिए पंचतत्व में विलीन हो गया। सैन्य टुकड़ी ने सैनिक कपिल को आखिरी सलामी दी। भूतपूर्व सैनिक संगठन ने हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना के इतने युवा और होनहार जवान का इस तरह चले जाना अत्यंत दुखद है। देश उनकी बहादुरी, सेवा और प्रतिबद्धता के लिए उनके प्रति कृतज्ञ है। 
इस मौके पर घर - परिवार, रिश्तेदारों के अलावा क्षेत्र के हजारों लोगों के अलावा भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा- शिलाई की ओर से इस मौके पर भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब-शिलाई क्षेत्र की तरफ से पूर्व अध्यक्ष व सलाहकार वीरेंद्र चौहान, उपाध्यक्ष रामभज धीमान, मीडिया प्रभारी जगदीश, नरेन्द्र ठुंडू, संतराम चौहान, वीरेंद्र सिंह, जवाहर देसाई, हितेंदर सिंह, दिनेश ठाकुर, ज्ञान सिंह, जीवन सिंह, सुरेश कुमार, मामराज चौहान, नेतर चौहान, स्वर्णजीत, दिनेश कुमार, सुखविंदर सिंह, सुनील चौहान, अब्दुल, दीपचंद, राकेश, संत सिंह के अलावा कई सैनिक और पूर्व सैनिकों के साथ सैकड़ों गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से यही प्रार्थना की कि परमपिता परमेश्वर दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान दे तथा सम्पूर्ण शोक संतप्त परिवार को इस अथाह दुख सहने की शक्ति प्रदान करे ।

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