हरित ऊर्जा राज्य के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार प्रतिबद्धता से उठा रही प्रभावी कदम
नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने मंगलवार को कहा कि हरित ऊर्जा राज्य के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार प्रतिबद्धता से प्रभावी कदम उठा रही है
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 04-03-2026
नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने मंगलवार को कहा कि हरित ऊर्जा राज्य के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार प्रतिबद्धता से प्रभावी कदम उठा रही है। इस दिशा में हिमाचल प्रदेश टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (17वां संशोधन) रूल्स, 2026 के अनुसार सभी कॉमर्शियल, पब्लिक, सेमी-पब्लिक बिल्डिंग और रियल एस्टेट परियोजनाओं में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग प्वाइंटस बनाए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त प्रदेश में हिमाचल प्रदेश एनर्जी कंजर्वेशन बिल्डिंग कोड (एचपीइसीबीसी) एंड रूल्स 2018 अनिवार्य किए गए हैं। इन नियमों के तहत 750 वर्ग मीटर अथवा इससे अधिक क्षेत्र में निर्मित हॉस्पिटेलिटी, स्वास्थ्य सेवा, सभागार, व्यावसायिक, शैक्षणिक, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और मिक्स्ड यूज भवन, जो इसीबीसी प्रावधानों के अनुरूप हैं, के बेस एफएआर 1.75 को अतिरिक्त 0.25 फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) की अनुमति प्रदान की जाएगी।
एचपीईसीबीसी नियमों के अनुरूप भवन निर्माण प्रक्रिया के लिए आवेदक, मालिक, डिवेलपर को ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी द्वारा अधिकृत एनर्जी ऑडिटर शामिल करना अनिवार्य होगा। आवेदक द्वारा पैनल्ड एनर्जी ऑडिटर को परियोजना डिजाइन अथवा ड्राइंग जमा करवानी होगी। इसके उपरांत आवेदक भवन निर्माण की अनुमति हेतु सक्षम प्राधिकारी को आवेदन करेगा।
नगर नियोजन मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (18वां संशोधन) रूल्स, 2026 के अनुसार रियल एस्टेट परियोजनाओं में प्रीमियम फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) के लिए शुल्क का निर्धारण किया गया है। इसके तहत 0.25 तक के प्रीमियम एफएआर के लिए 3,000 प्रति वर्ग मीटर बिल्ट एरिया, 0.25 से अधिक से 0.50 प्रीमियम एफएआर के लिए 5000 प्रति वर्ग मीटर बिल्ट एरिया, 0.50 से अधिक से 0.75 प्रीमियम एफएआर के लिए 7000 प्रति वर्ग मीटर बिल्ट एरिया शुल्क निर्धारित किया गया है।
What's Your Reaction?



