अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026 के दूसरे दिन गेयटी थियेटर में हुआ पहाड़ी कवि सम्मेलन का आयोजन

अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026 के दूसरे दिन ऐतिहासिक गेयटी थियेटर के सभागार में पहाड़ी कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिला से आए प्रतिष्ठित साहित्यकारों, कवियों एवं साहित्य प्रेमियों ने भाग लिया

Jun 9, 2026 - 17:24
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अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026 के दूसरे दिन गेयटी थियेटर में हुआ पहाड़ी कवि सम्मेलन का आयोजन
यंगवार्ता  न्यूज शिमला 9 जून, 2026 : 

अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026 के दूसरे दिन ऐतिहासिक गेयटी थियेटर के सभागार में पहाड़ी कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिला से आए प्रतिष्ठित साहित्यकारों, कवियों एवं साहित्य प्रेमियों ने भाग लिया तथा अपनी रचनाओं के माध्यम से हिमाचल की लोक संस्कृति, परंपराओं, सामाजिक सरोकारों और प्रकृति की सुंदरता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

अपने संबोधन में उपायुक्त ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा यह नई पहल की गई है। उन्होंने कहा कि पहाड़ी भाषा और साहित्य हमारी पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं तथा इन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

प्रस्तुत पहाड़ी कविताओं का संकलन तैयार कर पुस्तक के रूप में करेंगे प्रकाशित

उपायुक्त ने कहा कि इस कवि सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं का पाठ किया है। इन कविताओं में हिमाचल की संस्कृति, लोक जीवन, परंपराएं और सामाजिक मूल्यों की झलक देखने को मिली है। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में प्रस्तुत की गई पहाड़ी कविताओं का संकलन तैयार कर जिला प्रशासन भविष्य में एक पुस्तक के रूप में प्रकाशित करेगा। इस पुस्तक को प्रदेश के सभी पुस्तकालयों में उपलब्ध करवाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग पहाड़ी साहित्य से जुड़ सकें और इसकी समृद्ध परंपरा से परिचित हो सकें।

उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और साहित्यकार समाज को नई दिशा देने का कार्य करते हैं। संस्कृति के प्रचार-प्रसार तथा सामाजिक चेतना के विकास में साहित्यकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। समाज के निर्माण और सकारात्मक परिवर्तन में साहित्यकारों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

कवि सम्मेलन के दौरान विभिन्न कवियों ने पहाड़ी भाषा में अपनी स्वरचित कविताओं का पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कविताओं में लोक संस्कृति, ग्रामीण जीवन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक एकता तथा मानवीय संवेदनाओं जैसे विषयों को प्रमुखता से स्थान दिया गया। उपस्थित दर्शकों ने कवियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम का आयोजन अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026 के अंतर्गत किया गया है। यह आयोजन न केवल पहाड़ी भाषा और साहित्य को प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ, बल्कि प्रदेश के साहित्यकारों और युवाओं को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर भी प्रदान कर गया।

इस अवसर पर विभिन्न साहित्यकार, कवि, गणमान्य व्यक्ति, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे।

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