देवी-देवताओं के आदेश दरकिनार, किन्नर कैलाश बेखौफ जा रहे लोग, 16 गांवों के कारदारों ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
किन्नौर में पवित्र किन्नर कैलाश यात्रा को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। स्थानीय देवी-देवताओं के आदेशों को दरकिनार कर लोगों का यात्रा पर जाने का सिलसिला जारी है। प्रशासन के सुस्त रवैये से लोग बेखौफ यात्रा कर रहे है। ऐसे में देव समाज टुकपा खूनांग से जुड़े 16 गांवों के देवी-देवताओं के कारदारों एवं प्रतिनिधियों ने मंगलवार को उपायुक्त किन्नौर डा. अमित कुमार शर्मा से मुलाकात की।
किन्नौर में पवित्र किन्नर कैलाश यात्रा को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। स्थानीय देवी-देवताओं के आदेशों को दरकिनार कर लोगों का यात्रा पर जाने का सिलसिला जारी है। प्रशासन के सुस्त रवैये से लोग बेखौफ यात्रा कर रहे है। ऐसे में देव समाज टुकपा खूनांग से जुड़े 16 गांवों के देवी-देवताओं के कारदारों एवं प्रतिनिधियों ने मंगलवार को उपायुक्त किन्नौर डा. अमित कुमार शर्मा से मुलाकात की।
उन्होंने ज्ञापन सौंपते हुए किन्नर कैलाश यात्रा को तत्काल पूर्ण रूप से बंद करने की मांग की है। प्रतिनिधियों ने उपायुक्त को बताया कि इस संबंध में छह जून, 27 जून और 30 जून को भी तीन बार ज्ञापन दिया गया, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई और न ही कोई लिखित जवाब दिया गया। देव समाज ने प्रशासन से मांग की है कि पूर्व में दिए गए ज्ञापनों पर हुई कार्रवाई का लिखित जवाब दस जुलाई तक दिया जाए।
प्रतिनिधियों ने ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर संतोषजनक उत्तर नहीं मिला, तो इसे किन्नौर की सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा एवं आस्था के खिलाफ कार्रवाई माना जाएगा और देव समाज आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी। देव समाज टुकपा खूनांग के प्रतिनिधिमंडल में रूपेश नेगी (मौतमी), राधा मृष्ण (तेलंगी), कल्पना नेगी (महिला मंडल तांगलिंग), पंकज (ठंगी), भुवनेश्वर नेगी (रिस्पा) और जय कुमार (स्कीबा) सहित करीब 20 कारदार एवं प्रतिनिधि शामिल रहे।
देव समाज के अनुसार छितकुल, रक्छम, सांगला, कामरू, बारंग, पोवारी, तांगलिंग, रिब्बा, स्कीबा, रिस्पा, ठंगी, कूनो, चारंग, शोंग, कटगांव तथा अन्य गांवों के देवी-देवताओं ने इस का समर्थन किया है।
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