सिरमौर में चलेगा खेत बचाओ अभियान, खेतों में उतरेंगे वैज्ञानिक और कृषि विभाग के अधिकारी

केंद्र सरकार की ओर से शुरू किए गए खेत बचाओ अभियान के तहत देश के साथ सिरमौर के किसानों को भी आधुनिक और वैज्ञानिक ढंग से खेती करने के उन्नत विधियां बताई जाएंगी। इस विशेष अभियान के तहत 1 से लेकर 30 जून तक कृषि विज्ञान केन्द्र, कृषि विभाग और आत्मा परियोजना के वैज्ञानिक और अधिकारी लगातार फील्ड में रहेंगे।

Jun 3, 2026 - 13:37
Jun 3, 2026 - 13:42
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सिरमौर में चलेगा खेत बचाओ अभियान, खेतों में उतरेंगे वैज्ञानिक और कृषि विभाग के अधिकारी

यंगवार्ता न्यूज 3 जून, 2026 :
 

केंद्र सरकार की ओर से शुरू किए गए खेत बचाओ अभियान के तहत देश के साथ सिरमौर के किसानों को भी आधुनिक और वैज्ञानिक ढंग से खेती करने के उन्नत विधियां बताई जाएंगी। इस विशेष अभियान के तहत 1 से लेकर 30 जून तक कृषि विज्ञान केन्द्र, कृषि विभाग और आत्मा परियोजना के वैज्ञानिक और अधिकारी लगातार फील्ड में रहेंगे। वैज्ञानिक खुद खेतों में जाकर किसानों से सीधा संवाद करेंगे और उन्हें जागरूक करेंगे।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों से बचाना है। अक्सर बाजार में मिलने वाले नकली कीटनाशकों (पेस्टीसाइड) के कारण किसानों की फसल बर्बाद हो जाती है और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। अभियान के दौरान वैज्ञानिक किसानों को असली और नकली पेस्टीसाइड की पहचान करने के व्यावहारिक टिप्स देंगे।


कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ पंकज मित्तल ने बताया कि केंद्र सरकार के इस अभियान में विशेषज्ञों की टीम सीधे खेतों का रुख करेगी। अभियान के दौरान मुख्य रूप से इन बातों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा की खेतों में कितनी और किस अनुपात में खाद डालनी चाहिए, इसकी सटीक जानकारी दी जाएगी।


संतुलित खाद का उपयोग करने और रासायनिक खादों का प्रयोग कम से कम करने के लिए प्रेरित किया जाएगा, किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे अपनी मर्जी या बाजार के बहकावे में आकर रसायनों का इस्तेमाल न करें, बल्कि हमेशा कृषि विशेषज्ञों की राय पर इनका प्रयोग करें। यह अभियान किसानों की आय बढ़ाने और उनकी लागत को कम करने में एक  मददगार साबित होगा।

नकली उर्वरकों एवं कीटनाशकों से सतर्क रहने की सलाह

कृषि विज्ञान केंद्र, सिरमौर के प्रभारी डॉ पंकज मित्तल के अनुसार किसानों के बीच मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, उर्वरकों के संतुलित उपयोग, प्राकृतिक खेती तथा सतत कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'खेत बचाओ अभियान' की शुरुआत एक जून से की गई है, जिसमें  किसानों को प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों और उसके लाभों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने किसानों को नकली उर्वरकों एवं कीटनाशकों से सतर्क रहने की सलाह देते हुए सतत कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया। कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक डॉ शिवाली धीमान  ने बताया कि अभियान के अंतर्गत किसानों को उर्वरकों के संतुलित उपयोग, हरी खाद तथा जैविक एवं जैव-आधारित कृषि आदानों के उपयोग संबंधी प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी क्षमता विकसित की जाएगी।

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