लिंग अनुपात में सुधार के लिए पीसीपीएनडीटी एक्ट का प्रभावी कार्यान्वयन जरूरी : अपूर्व देवगन  

उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने कहा कि लिंगानुपात में सुधार के लिए पीसीपीएनडीटी एक्ट का प्रभावी कार्यान्वयन जरूरी है। उपायुक्त जिला परिषद भवन मंडी में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम

Jan 28, 2025 - 19:03
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लिंग अनुपात में सुधार के लिए पीसीपीएनडीटी एक्ट का प्रभावी कार्यान्वयन जरूरी : अपूर्व देवगन  
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यंगवार्ता न्यूज़ - मंडी    28-01-2025

उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने कहा कि लिंगानुपात में सुधार के लिए पीसीपीएनडीटी एक्ट का प्रभावी कार्यान्वयन जरूरी है। उपायुक्त जिला परिषद भवन मंडी में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के अन्तर्गत पोक्सो और पीएनपीएनडीटी एक्ट की जानकारी देने के लिए  एक दिवसीय कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। 

कार्यशाला का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग मंडी द्वारा किया गया था। कार्यशाला में जिला पुलिस और विभिन्न विद्यालयांे से अध्यापक और बाल अधिकारों का कार्य कर रहे एनजीओ के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशाला में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के बारे में भी जागरूक किया गया।

अपूर्व देवगन ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम को चले 10 वर्ष हो गए हैं और जिला ने इसके अन्तर्गत जिला में काफी उपलब्धियां अर्जित की हैं। उन्होंने कहा कि समाज का अभिन्न अंग होने के कारण हम सभी को इस कार्यक्रम सहयोग देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बाल लिंगानुपात में गिरावट को रोकने और उसमें वृद्धि करने के लिए पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) एक्ट बारे हर नागरिक का जागरूक होना महत्वपूर्ण है।  

कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन के तौर पर नरेश अधिवक्ता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने पोक्सो, विवेक डोगरा उप जिला न्यायवादी ने अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989, डॉ दिनेश ठाकुर जिला स्वास्थ्य अधिकारी पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक(पीसीपीएनडीटी) एक्ट और डीएसपी सुंदरनगर भरत भूषण ने इन तीनों अधिनियमों में पुलिस की भूमिका के बारे में अवगत करवाया।

जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय बदरेल ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग पर पीसीपीएनडीटी को लागू करने का दायित्व है। इसे लागू करने में स्वास्थ्य विभाग का अहम योगदान है। गर्भ में पल रहे शिशु के लिंग की का न पता चले। इसका प्रयास किया जाता है। 

पोक्सो के तहत मामला दर्ज होने पर 16 वर्ष से कम आयु की पीड़िता को 21 वर्ष की आयु तक 7500 रूपये मासिक दिया जाता है।उन्होंने चाइल्ड हैल्पलाईन और महिला हैल्पलाईन के बारे में भी जानकारी दी। जिला कल्याण अधिकारी समीर ने युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए सामुहिक तौर पर कार्य करने पर बल दिया।

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