हिमाचल हाईकोर्ट एक फैसले पर संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान का बयान
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा पूर्व विधायकों की पेंशन जारी करने के आदेश के बाद राज्य सरकार की प्रतिक्रिया सामने आई है। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा है कि उन्होंने अभी तक कोर्ट के फैसले का पूरा अध्ययन नहीं किया है, लेकिन सरकार इस पर विस्तार से विचार करेगी
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 11-04-2026
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा पूर्व विधायकों की पेंशन जारी करने के आदेश के बाद राज्य सरकार की प्रतिक्रिया सामने आई है। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा है कि उन्होंने अभी तक कोर्ट के फैसले का पूरा अध्ययन नहीं किया है, लेकिन सरकार इस पर विस्तार से विचार करेगी।
मंत्री के मुताबिक, जानकारी के अनुसार हाईकोर्ट ने दो पूर्व विधायकों की पेंशन जारी करने के निर्देश दिए हैं, हालांकि कोर्ट ने किसी भी विधेयक या कानून पर कोई टिप्पणी नहीं की है। संसदीय कार्य मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार द्वारा पहले लाया गया पेंशन संशोधन विधेयक वापस ले लिया गया था।
इसके बाद बजट सत्र 2026 में नया विधेयक पारित किया गया, जिसमें केवल 14वीं विधानसभा के उन विधायकों की पेंशन रोकने का प्रावधान है, जिन्हें दल-बदल कानून के तहत अयोग्य घोषित किया गया है। मंत्री ने साफ किया कि यह प्रावधान भविष्य के लिए लागू है और पूर्व विधायकों की पेंशन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
ऐसे में जिन मामलों में कोर्ट गया गया, वहां अदालत ने पेंशन जारी करने के निर्देश दिए हैं। हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार अब कोर्ट के फैसले का कानूनी पहलुओं से अध्ययन करेगी और आगे अपील करनी है या नहीं, इस पर निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि पेंशन से जुड़ा नया विधेयक दल-बदल और क्रॉस वोटिंग को रोकने के उद्देश्य से लाया गया है, न कि किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ।
राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के कुछ विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग की गई और बजट सत्र के दौरान उनकी अनुपस्थिति के चलते उन्हें अयोग्य ठहराया गया।
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