केंद्रीय करों की हिस्सेदारी में अगले वित्त वर्ष में राज्य के लिए अनुमानित 2,388 करोड़ रुपये की होगी वृद्धि
राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद कर केंद्र सरकार ने बेशक हिमाचल को झटका दिया है, लेकिन केंद्रीय करों में प्रदेश की हिस्सेदारी बढ़ गई है। केंद्रीय करों की हिस्सेदारी में अगले वित्त वर्ष में राज्य के लिए अनुमानित 2,388 करोड़ रुपये की वृद्धि
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 03-02-2026
राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद कर केंद्र सरकार ने बेशक हिमाचल को झटका दिया है, लेकिन केंद्रीय करों में प्रदेश की हिस्सेदारी बढ़ गई है। केंद्रीय करों की हिस्सेदारी में अगले वित्त वर्ष में राज्य के लिए अनुमानित 2,388 करोड़ रुपये की वृद्धि होगी।
केंद्र सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में भी सोमवार को स्पष्ट किया गया है कि कर हस्तांतरण में हिमाचल प्रदेश के लिए वर्ष 2026 27 में 13,949 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उधर, केंद्रीय बजट में उधर, केंद्रीय बजट में हिमाचल को रेल विस्तार के लिए 2,911 करोड़ मिले हैं।
16वें वित्त आयोग ने केंद्रीय करों के विभाज्य पूल में 0.914 फीसदी की हिस्सेदारी तय की है। 15वें वित्त आयोग में यह 0.830 फीसदी तय थी। चालू वित्त वर्ष में प्रदेश को केंद्रीय करों में हिमाचल के हिस्से के रूप में 11,806.30 करोड़ मिलेंगे।
जबकि वर्ष 2024-25 में करीब 10124.81 करोड़ और 2023-24 में राज्य को 9,374.72 करोड़ रुपये मिले। नया फॉर्मूला लगने से अगले वित्त वर्ष के लिए केंद्रीय करों में बढ़ोतरी स्वाभाविक है। बाकी यह कर एकत्रीकरण पर भी निर्भर करता है कि वास्तव में हिमाचल को कितनी रकम मिलेगी।
केंद्र से अनुदान सहायता के रूप में हिमाचल प्रदेश को 2025-26 में 10,243 करोड़ का बजट आवंटित करने का प्रावधान किया गया है। पूंजीगत 13वां व्यय के लिए हिमाचल को 2020-21 से 2025-26 तक 8309 करोड़ मिलेंगे।
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