जलविद्युत परियोजनाओं पर दो प्रतिशत भू-राजस्व लगाने के राज्य सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती 

हिमाचल प्रदेश में चल रही जलविद्युत परियोजनाओं पर दो प्रतिशत भू-राजस्व लगाने के राज्य सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई

Mar 14, 2026 - 11:54
Mar 14, 2026 - 11:55
 0  32
जलविद्युत परियोजनाओं पर दो प्रतिशत भू-राजस्व लगाने के राज्य सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती 

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    14-03-2026

हिमाचल प्रदेश में चल रही जलविद्युत परियोजनाओं पर दो प्रतिशत भू-राजस्व लगाने के राज्य सरकार के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। कंपनियों की ओर से दायर याचिकाओं पर शुक्रवार को न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। 

इस मामले में अगली सुनवाई अब 23 मार्च को होगी। याचिकाओं में राज्य सरकार के उन संशोधनों और अधिसूचनाओं को चुनौती दी गई है, जिनके तहत 1 जनवरी 2026 से जलविद्युत परियोजनाओं के औसत बाजार मूल्य पर 2 फीसदी की दर से भू-राजस्व लेने का प्रावधान किया गया है। याचिकाओं में मुख्य रूप से 6 अक्तूबर, 1 दिसंबर और 11 दिसंबर 2025 को जारी अधिसूचनाओं को रद्द करने की मांग की गई है। 

याचिकाओं में बताया गया है कि संविधान के तहत सरकार को सिर्फ भूमि पर राजस्व लगाने का अधिकार है, लेकिन राज्य सरकार पूरे प्रोजेक्ट के बाजार मूल्य पर भू-राजस्व लगा रही है, जो असांविधानिक है। यह संशोधन हिमाचल प्रदेश भू-राजस्व अधिनियम 1954 और भारतीय संविधान के प्रावधान के विपरीत है। मांग की गई है कि सरकार को भू-राजस्व की वसूली से रोका जाए।

राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि भू-राजस्व लगाने का मकसद सालाना करीब 1800-2000 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाना है। भू-राजस्व 191 परियोजनाओं पर लागू होगा। इनमें सबसे अधिक 45 प्रोजेक्ट चंबा हैं, जबकि कुल्लू में 35 हैं। राज्य सरकार ने तर्क दिया है कि प्रदेश की गंभीर वित्तीय स्थिति के बीच आरडीजी होने के बाद राजस्व के नए स्रोत पैदा करने के लिए यह फैसला लिया गया है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow