मृदा परीक्षण के आधार पर करें उर्वरकों का संतुलित एवं वैज्ञानिक प्रयोग , केवीके  धौलाकुआं में किसानों को दी जानकारी 

कृषि विज्ञान केंद्र और साईं इटरनल फाउंडेशन शिमला के संयुक्त तत्वावधान में सिरमौर के धारटी धार के किसानों के लिए संतुलित उर्वरक का प्रयोग विषय पर किसान संगोष्ठी का आयोजन शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र धौला कुआं में संपन्न हुआ, जिसमें किसानों को मृदा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने हेतु संतुलित उर्वरक उपयोग अभियान के अंतर्गत परिचर्चा की गई। कार्यक्रम में किसानों को मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक प्रयोग की जानकारी दी गई

Apr 25, 2026 - 17:56
Apr 25, 2026 - 18:20
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मृदा परीक्षण के आधार पर करें उर्वरकों का संतुलित एवं वैज्ञानिक प्रयोग , केवीके  धौलाकुआं में किसानों को दी जानकारी 
यंगवार्ता न्यूज़ - पांवटा साहिब  25-04-2026

कृषि विज्ञान केंद्र और साईं इटरनल फाउंडेशन शिमला के संयुक्त तत्वावधान में सिरमौर के धारटी धार के किसानों के लिए संतुलित उर्वरक का प्रयोग विषय पर किसान संगोष्ठी का आयोजन शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र धौला कुआं में संपन्न हुआ, जिसमें किसानों को मृदा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने हेतु संतुलित उर्वरक उपयोग अभियान के अंतर्गत परिचर्चा की गई। कार्यक्रम में किसानों को मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक प्रयोग की जानकारी दी गई। कृषि विज्ञान केंद्र धौला कुआं के प्रभारी वैज्ञानिक डा. पंकज मित्तल और डा. शिवाली धीमान ने बताया कि संतुलित उर्वरक उपयोग से फसलों की उत्पादकता बढ़ती है और मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है। 
इस अवसर पर जिला सिरमौर के कृषि उपनिदेशक डा. साहब सिंह ने कृषि उत्पादों के मूल्य वर्धन एवं उत्पाद निर्माण के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ प्रतिभागियों से प्राकृतिक खेती को अपनाने की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। साईं इटरनल फाउंडेशन शिमला के संस्थापक निदेशक ईं. राजकुमार वर्मा ने कृषि आधारित उद्यमों में नवाचार एवं रोजगार के अवसरों पर चर्चा की। नई दिल्ली से विशेष रूप से इस कार्यक्रम में भाग लेने हेतु आए हुए हैं। भारत भूषण और प्रवीण आर्य ने बताया कि कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होती है , बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होते हैं। 
बैठक के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं वित्तीय सहायता के अवसरों के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही स्वयं सहायता समूह के माध्यम से नए उत्पादक समूह को स्थापित कर ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया। इस अवसर पर किसानों ने अपने अनुभव साझा किए। वहीं, प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन के महत्व पर प्रकाश डाला। बैठक में 26 पंचायतों के किसानों ने भाग लेकर बैठक को सफल बनाया। इसके अलावा साईं फाउंडेशन के कुलदीप सिंह भी उपस्थित थे।

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