ग्रीष्म और मानसून सीजन की तैयारी में जुटा जल शक्ति विभाग , पानी के टैंकों की सफाई और क्लोरिनेशन का कार्य जारी 

जिला में आने वाले ग्रीष्म और मानसून सीजन को लेकर जल शक्ति विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पानी की उपलब्धता से लेकर गुणवत्ता बनाए रखने तक विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी है , ताकि लोगों को गर्मियों में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। तैयारियों के मद्देनजर जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार नाहन में आज मीडिया से बात कर रहे थे

Apr 24, 2026 - 17:50
Apr 24, 2026 - 18:21
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ग्रीष्म और मानसून सीजन की तैयारी में जुटा जल शक्ति विभाग , पानी के टैंकों की सफाई और क्लोरिनेशन का कार्य जारी 
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यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन  24-04-2026
जिला में आने वाले ग्रीष्म और मानसून सीजन को लेकर जल शक्ति विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। पानी की उपलब्धता से लेकर गुणवत्ता बनाए रखने तक विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी है , ताकि लोगों को गर्मियों में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। तैयारियों के मद्देनजर जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार नाहन में आज मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने बताया जिला भर में पानी के टैंकों की सफाई और क्लोरीनेशन का कार्य लगातार जारी है , ताकि लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। 
इसके साथ ही विभाग लोगों को उनके निजी पानी के टैंकों की नियमित सफाई के लिए भी जागरूक कर रहा है, जिससे जल जनित बीमारियों से बचाव संभव हो सके। जिले में जल शक्ति विभाग की करीब 1000 पेयजल योजनाएं  हैं और राहत की बात यह है कि सभी योजनाओं के स्रोतों में इस समय पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध है। गर्मियों के दौरान पानी से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए हर क्षेत्र में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। विभाग ने शिकायतों के निवारण के लिए 48 घंटे का समय निर्धारित किया है, ताकि लोगों की समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जा सके। अधीक्षण अभियंता ने कहा कि, मानसून सीजन को देखते हुए नाहन की तीनों प्रमुख जल योजनाओं को सुचारू रूप से चालू रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। 
इसका उद्देश्य यह है कि यदि किसी एक योजना में तकनीकी खराबी आती है, तो बाकी दो योजनाएं स्टैंडबाय के तौर पर काम कर सकें। इसके अलावा गिरी पेयजल योजना के तहत भी कई संवेदनशील स्थानों को चिन्हित किया गया है, जहां विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि बरसात के दौरान जल आपूर्ति प्रभावित न हो। उन्होंने बताया कि इन अच्छी नहीं तो स्थान तक विभाग द्वारा पाइप पहुंचाई जा रही है ताकि आवश्यकता पड़ने पर इनका इस्तेमाल किया जा सके। इस अवसर पर जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता देवानंद पुंडीर भी उपस्थित थे। 

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