पर्यावरण संरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर , जस्टिस फॉर देव आत्मा हिमालय संस्था ने उठाया मामला

पर्यावरण संरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट में हिमाचल प्रदेश के हितों की लड़ाई लड़ रही जस्टिस फॉर देव आत्मा हिमालय संस्था के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. एपी सिंह ने आरोप लगाया है कि हिमाचल प्रदेश में नियमों को ताक पर रखकर प्रकृति का दोहन किया जा रहा है जिसका आने वाले समय में बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा।

Mar 28, 2026 - 17:49
Mar 28, 2026 - 18:09
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पर्यावरण संरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर , जस्टिस फॉर देव आत्मा हिमालय संस्था ने उठाया मामला


यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन  28-03-2026

पर्यावरण संरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट में हिमाचल प्रदेश के हितों की लड़ाई लड़ रही जस्टिस फॉर देव आत्मा हिमालय संस्था के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. एपी सिंह ने आरोप लगाया है कि हिमाचल प्रदेश में नियमों को ताक पर रखकर प्रकृति का दोहन किया जा रहा है जिसका आने वाले समय में बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। 
सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन में मीडिया से बात करते हुए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ एपी सिंह ने कहा कि उन्होंने संस्था द्वारा सुप्रीम कोर्ट में मामले को लेकर याचिका दायर की है , ताकि पर्यावरण संरक्षण को सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण अधिनियम 1980 देश के सभी राज्यों में लागू है , मगर हिमाचल प्रदेश में इसको अभी तक लागू नहीं किया गया है जो सीधे तौर पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का भी उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि गत दिनों हिमाचल प्रदेश में आपदा से भारी नुकसान हुआ , क्योंकि यहां पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर आवश्यक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। 
वहीं उन्होंने यह भी कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर खनन गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नियमों को साथ पर रखकर नदियों के किनारे अवैज्ञानिक और अवैध खनन व अवैध निर्माण कार्य किया जा रहे हैं जबकि खुद हिमाचल प्रदेश सरकार ने यह फैसला लिया था की नदियों नालों के 100 मीटर दायरे में कोई भी निर्माण कार्य नहीं होगा जिसका उच्च न्यायालय में भी हवाला दिया गया था।
 

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