यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन 12-07-2026
रेणुका बांध परियोजना से प्रभावित 17 पंचायतों के लोगों का दर्द एक बार फिर सामने आया है। डूब क्षेत्र घोषित होने के करीब दो दशक बाद भी इन पंचायतों को विकास के लिए पर्याप्त बजट नहीं मिल पा रहा है। बजट के अभाव में स्कूलों और सड़कों की मरम्मत तक नहीं हो रही, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मीडिया से बात करते हुए रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति के सदस्यों योगेश ठाकुर ने बताया कि सिरमौर जिले की रेणुका विधानसभा क्षेत्र की 17 पंचायतों को वर्ष 2007-08 में रेणुका बांध परियोजना के चलते डूब क्षेत्र घोषित किया गया था। जिसके कारण इन पंचायत को किसी भी प्रकार का विकास कार्यों के लिए बजट उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ग्रामीण निभाना है कि डूब क्षेत्र घोषित होने के बाद यहां पर किसी भी प्रकार का नया निर्माण कार्य नहीं हो सकता है.
परंतु सरकार को कम से कम क्षेत्र में चल रहे स्कूल और सड़कों की मरम्मत के लिए बजट उपलब्ध करवाना चाहिए। इसका सीधा असर स्थानीय लोगों और विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। योगेश ठाकुर ने कहा कि हाउसलेस परिवारों से जुड़ी मांगों को पूरा करने के लिए एचपीसीएल और सरकार का आभार भी जताया। साथ ही उम्मीद जताई कि विस्थापित परिवारों की अन्य लंबित मांगों का भी जल्द समाधान किया जाएगा, ताकि वर्षों से चली आ रही समस्याओं का स्थायी हल निकल सके।