कांग्रेस सरकार केवल घड़ियाली आंसू बहा रही है, केंद्र से मिली हजारों करोड़ की सहायता पर क्यों नहीं बोलते मुख्यमंत्री — राकेश जमवाल
भाजपा प्रदेश मुख्यप्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा नीति आयोग की बैठक में केंद्र सरकार के प्रति व्यक्त किए गए विचारों पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार प्रदेश की जनता के सामने केवल घड़ियाली आंसू बहाने का काम कर रही है।
यंगवार्ता न्यूज शिमला 11 जून 2026 :
भाजपा प्रदेश मुख्यप्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा नीति आयोग की बैठक में केंद्र सरकार के प्रति व्यक्त किए गए विचारों पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार प्रदेश की जनता के सामने केवल घड़ियाली आंसू बहाने का काम कर रही है। वास्तविकता यह है कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश को लगातार आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, लेकिन अपनी वित्तीय विफलताओं को छिपाने के लिए कांग्रेस सरकार केंद्र पर दोषारोपण कर रही है।
राकेश जमवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री एक ओर केंद्र से भेदभाव का आरोप लगाते हैं, जबकि दूसरी ओर आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2025-26 और 2026 के दौरान हिमाचल प्रदेश को विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के अंतर्गत भारी वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि केवल विशेष पूंजीगत निवेश सहायता योजना (SASCI) के अंतर्गत ही हिमाचल प्रदेश को कई किश्तों में सहायता प्रदान की गई। इनमें ₹301.62 करोड़, ₹150 करोड़, ₹58.08 करोड़, ₹185.30 करोड़, ₹100 करोड़, ₹20 करोड़, ₹250 करोड़, ₹545 करोड़, पुनः ₹545 करोड़, ₹212.21 करोड़, ₹27.23 करोड़, ₹259 करोड़, ₹44.88 करोड़, ₹58.94 करोड़, ₹350 करोड़, ₹139.79 करोड़ तथा ₹77.50 करोड़ की सहायता शामिल है। यह राशि मिलाकर लगभग ₹3,325 करोड़ से अधिक बैठती है।
जमवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री को यह भी बताना चाहिए कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित ‘प्राइड ऑफ हिल्स’ विशेष सहायता योजना के अंतर्गत लगभग ₹3,920 करोड़ की सहायता उपलब्ध करवाई गई है। इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार ने आपदा राहत एवं पुनर्वास के लिए भी उदारतापूर्वक सहायता दी। उन्होंने कहा कि NDRF के माध्यम से प्रदेश को अलग-अलग किश्तों में लगभग ₹107.15 करोड़, ₹451.44 करोड़, ₹23.52 करोड़, ₹601.92 करोड़, ₹37.50 करोड़, ₹254.62 करोड़ तथा ₹451.44 करोड़ की सहायता प्रदान की गई। इसी प्रकार SDRF के माध्यम से दो किश्तों में ₹198.80 करोड़-₹198.80 करोड़ तथा SDMF के अंतर्गत दो बार ₹49.70 करोड़-₹49.70 करोड़ की सहायता जारी की गई।
भाजपा नेता ने कहा कि CAMPA के तहत लगभग ₹35.20 करोड़ और ₹107.61 करोड़, ग्रामीण स्थानीय निकायों को ₹105.60 करोड़, ₹17.20 करोड़, ₹67.95 करोड़, ₹101.93 करोड़, ₹68.64 करोड़, ₹102.45 करोड़ तथा अन्य अनुदान, जबकि शहरी स्थानीय निकायों को ₹53.34 करोड़, ₹35.56 करोड़, ₹35.56 करोड़ और ₹53.34 करोड़ की सहायता प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भी केंद्र सरकार ने ग्रामीण एवं शहरी स्वास्थ्य अनुदानों के माध्यम से लगातार सहायता दी। विभिन्न किश्तों में ₹15.36 करोड़, ₹28.44 करोड़, ₹44.13 करोड़, ₹18.53 करोड़, ₹31.29 करोड़, ₹44.74 करोड़, ₹16.77 करोड़, ₹31.33 करोड़, ₹54.30 करोड़, ₹57.90 करोड़ सहित अनेक अनुदान हिमाचल प्रदेश को प्राप्त हुए।
राकेश जमवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री यह बताएं कि जब केंद्र सरकार लगातार सहायता उपलब्ध करा रही है, तब प्रदेश की आर्थिक स्थिति क्यों बिगड़ रही है? कर्मचारियों, पेंशनरों, ठेकेदारों और विकास कार्यों के भुगतान में देरी क्यों हो रही है? इसका उत्तर केंद्र सरकार नहीं बल्कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को विशेष प्राथमिकता दी है। राष्ट्रीय राजमार्गों, रेलवे, जल जीवन मिशन, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, पर्यटन, आपदा पुनर्वास और पूंजीगत निवेश के क्षेत्र में रिकॉर्ड सहयोग दिया गया है। इसके बावजूद कांग्रेस सरकार राजनीतिक लाभ के लिए भेदभाव का झूठा नैरेटिव खड़ा करने का प्रयास कर रही है।
राकेश जमवाल ने कहा कि प्रदेश की जनता जानती है कि केंद्र सरकार लगातार हिमाचल के साथ खड़ी रही है। सच्चाई यह है कि आर्थिक कुप्रबंधन और गलत प्राथमिकताओं के कारण प्रदेश की वित्तीय स्थिति कमजोर हुई है। अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए मुख्यमंत्री बार-बार केंद्र पर आरोप लगाते हैं, लेकिन तथ्य और आंकड़े उनकी बातों का खंडन करते हैं।
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