शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विक्रमादित्य सिंह का बड़ा बयान: "यह युवाओं के संघर्ष की जीत, लेकिन लड़ाई अभी बाकी है"
हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने इसे देश के युवाओं के संगठित और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर किए गए संघर्ष का परिणाम बताया।
यंगवार्ता न्यूज - शिमला 25 जुलाई, 2026 :
हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने इसे देश के युवाओं के संगठित और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर किए गए संघर्ष का परिणाम बताया।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा स्वागत योग्य है, लेकिन इसकी नौबत बहुत पहले आ जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि जिस दिन पेपर लीक हुए, छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और हताशा में छात्रों ने कदम उठाए, उसी समय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए था या प्रधानमंत्री द्वारा उन्हें बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए था।
इस्तीफे की इस पूरी प्रक्रिया का श्रेय देश के युवाओं को देते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं ने बिना किसी पार्टी, जाति, क्षेत्र या क्षेत्रवाद के एकजुट होकर न्याय की मांग की। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यह महज "पहला कदम" और "पहला विकेट" है।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए विक्रमादित्य सिंह ने आरोप लगाया कि देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में एक ही विचारधारा के लोगों को उच्च पदों पर बैठाया जा रहा है, जिससे पूरी व्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने युवाओं से इस संघर्ष को इसके तार्किक निष्कर्ष तक ले जाने की अपील की।
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