प्रदेश सरकार पंचायतों को हरित पंचायतों में परिवर्तित करने के लिए 500 किलोवॉट तक के लगाएंगी सोलर प्लांट 

हिमाचल प्रदेश सरकार पंचायतों को हरित पंचायतों में परिवर्तित कर रही है। योजना के तहत पंचायतों में 500 किलोवॉट तक के सोलर प्लांट लगेंगे। सरकार ने दूसरे चरण में प्रदेश की 24 पंचायतों को योजना में शामिल करने को मंजूरी

Jan 6, 2025 - 13:38
Jan 6, 2025 - 14:08
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प्रदेश सरकार पंचायतों को हरित पंचायतों में परिवर्तित करने के लिए 500 किलोवॉट तक के लगाएंगी सोलर प्लांट 
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला    06-01-2025

 हिमाचल प्रदेश सरकार पंचायतों को हरित पंचायतों में परिवर्तित कर रही है। योजना के तहत पंचायतों में 500 किलोवॉट तक के सोलर प्लांट लगेंगे। सरकार ने दूसरे चरण में प्रदेश की 24 पंचायतों को योजना में शामिल करने को मंजूरी दे दी है। 

इसमें विधानसभा क्षेत्र चंबा, भटियात, सुजानपुर, बैजनाथ, ज्वालामुखी, जयसिंहपुर, पालमपुर, शाहपुर, इंदौरा, किन्नौर, शिमला ग्रामीण, ठियोग, रोहड़ू, नाहन, श्री रेणुकाजी, कसौली, दून, अर्की, चिंतपूर्णी और गगरेट की 24 पंचायतें शामिल हैं। हिम ऊर्जा विभाग ने इन पंचायतों को ग्रीन में परिवर्तित करने के लिए जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सरकार के मुताबिक हर एक पंचायत में 500 किलोवॉट के सोलर प्लांट स्थापित होंगे। इन परियोजनाओं के चालू होने के बाद पंचायतें बिजली को बेचकर विकास कार्य करवा सकेंगी। योजना के दूसरे चरण में ग्रीन पंचायतों में परिवर्तित होने वाली पंचायतों में करियन, चलामा, चलोह, साकड़ी, हड़ोली, सोल भुनेर, थालू ऎरला, परगोड, बसंतपुर, चारंग, नेहरा-गनेवग, किरटी पंचायत, सेखल, कौला वाला भूड, संगड़ाह, भारती, कंडोल, नवगांव, धंधड़ी और देवली पंचायत शामिल हैं।

योजना के पहले फेस में पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर राज्य की 11 में से 7 पंचायतों को ग्रीन पंचायतों में परिवर्तित करने का काम शुरू हो गया है। इनमें हमीरपुर की करौर, ऊना की कुठार बीट, कांगड़ा की पंजाड़ा और मुहाल, बिलासपुर की लेहड़ी सरेल, सिरमौर की ग्वाली, ठियोग की धरेच पंचायत शामिल है। इसके अलावा सोलन की ममलीग, जुब्बल कोटखाई की पराली, कुल्लू की बुआई और लाहौल-स्पीति की खांगसर पंचायत में जमीन चिह्नित कर दी गई है और इसी माह टेंडर आवंटित होंगे।

नवंबर 2025 तक सौर परियोजना एजेंसियों को काम पूरा करने का लक्ष्य दिया है। योजना के तहत प्रत्येक सौर परियोजना के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। परियोजनाओं से उत्पन्न बिजली की खरीद राज्य विद्युत बोर्ड करेगा। कार्यशील होने के बाद प्रत्येक परियोजना से प्रतिदिन लगभग 2250 यूनिट विद्युत उत्पादन और करीब 27 लाख रुपये की आय का अनुमान है। उधर, हिम ऊर्जा के अधिकारी ने बताया कि योजना के तहत 24 और पंचायतों को ग्रीन पंचायतों में परिवर्तित करने की मंजूरी मिली है। 

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