भगवान को राजनीति से रखे दूर, तिरुपति के लड्डू में मिलावटी घी पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान किसने क्या कहा 

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तिरुपति लड्डू विवाद से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि भगवान को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश सरकार के वकील से भी इस दौरान कई सवाल पूछे। कोर्ट ने कहा कि लैब रिपोर्ट से पता चलता है कि जिस घी की जांच की गई थी , वह रिजेक्ट किया गया घी था। इसके अलावा, कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि एसआईटी जांच का आदेश देने के बाद प्रेस में जाने की क्या जरूरत थी? सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश सरकार से पूछा, "एसआईटी जांच के नतीजे आने तक, प्रेस में जाने की क्या जरूरत थी

Oct 1, 2024 - 00:21
Oct 1, 2024 - 01:00
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भगवान को राजनीति से रखे दूर, तिरुपति के लड्डू में मिलावटी घी पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान किसने क्या कहा 
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न्यूज़ एजेंसी - नई दिल्ली  30-09-2024
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तिरुपति लड्डू विवाद से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि भगवान को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश सरकार के वकील से भी इस दौरान कई सवाल पूछे। कोर्ट ने कहा कि लैब रिपोर्ट से पता चलता है कि जिस घी की जांच की गई थी , वह रिजेक्ट किया गया घी था। इसके अलावा, कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि एसआईटी जांच का आदेश देने के बाद प्रेस में जाने की क्या जरूरत थी? सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश सरकार से पूछा, "एसआईटी जांच के नतीजे आने तक, प्रेस में जाने की क्या जरूरत थी? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एसआईटी जांच के नतीजे आने तक क्या रुक नहीं सकते थे।
जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस के वी विश्वनाथन की पीठ ने यह भी पूछा कि जब मामले की जांच के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं तो सार्वजनिक बयान देने की क्या जरूरत थी। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी पूछा कि इस बात का क्या सबूत है कि तिरुपति मंदिर में लड्डू बनाने में दूषित घी का इस्तेमाल किया गया था। इस पर तिरुपति मंदिर की ओर से पेश वकील सिद्धार्थ लूथरा ने पीठ को बताया हम जांच कर रहे हैं। इसके बाद जस्टिस गवई ने पूछा तुरंत प्रेस के पास जाने की क्या जरूरत थी? आपको धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने की जरूरत है। जब लूथरा ने अदालत को बताया कि लोगों ने शिकायत की है कि लड्डू का स्वाद ठीक नहीं है , तो अदालत ने पूछा , जिस लड्डू का स्वाद अलग था , क्या उसे यह पता लगाने के लिए लैब जा गया था कि क्या उसमें मिलावट चीज थी। 
जस्टिस विश्वनाथन ने तब कहा कि क्या विवेक यह नहीं बताता कि आप दूसरी राय लें। सामान्य परिस्थितियों में हम दूसरी राय लेते हैं। पीठ उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है, जिनमें तिरुपति के लड्डू बनाने में पशु चर्बी के कथित इस्तेमाल की जांच की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट में सुब्रमण्यम स्वामी , वाई वी सुब्बा रेड्डी , विक्रम संपत और दुष्यंत श्रीधर के अलावा सुरेश चव्हाण की 4 याचिकाएं थीं। स्वामी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राजशेखर राव ने कोर्ट में कहा कि वे भक्त के रूप में यहां आए हैं और प्रसाद में मिलावट के बारे में प्रेस में दिए गए बयान के दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। इससे कई और मुद्दे उठ सकते हैं।
 ये चिंता का विषय है। यदि भगवान के प्रसाद पर कोई सवालिया निशान है तो इसकी जांच होनी चाहिए। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने इस महीने की शुरुआत में दावा किया था कि राज्य में पिछली वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान तिरुपति के लड्डू तैयार करने में पशुओं की चर्बी का इस्तेमाल किया गया था। इससे बड़े पैमाने पर राजनीतिक विवाद पैदा हो गया था।

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