रेणुका लायन सफारी में गूंजेगी टाइगर की दहाड़ , जून में महाराष्ट्र से पहुंचेगा बाघ का जोड़ा , सीजेडए से मिली मंजूरी

हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल रेणुका लायन सफारी में जल्द ही पर्यटकों को एक नया और रोमांचक अनुभव मिलने वाला है। सफारी में अब बाघ की दहाड़ भी सुनाई देगी। जानकारी के अनुसार जून महीने में महाराष्ट्र से बाघ का एक जोड़ा रेणुका लाया जाएगा। वन विभाग द्वारा इस योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है

Apr 22, 2026 - 17:36
Apr 22, 2026 - 18:01
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रेणुका लायन सफारी में गूंजेगी टाइगर की दहाड़ , जून में महाराष्ट्र से पहुंचेगा बाघ का जोड़ा , सीजेडए से मिली मंजूरी
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यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन  22-04-2026

हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल रेणुका लायन सफारी में जल्द ही पर्यटकों को एक नया और रोमांचक अनुभव मिलने वाला है। सफारी में अब बाघ की दहाड़ भी सुनाई देगी। जानकारी के अनुसार जून महीने में महाराष्ट्र से बाघ का एक जोड़ा रेणुका लाया जाएगा। वन विभाग द्वारा इस योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। बाघों के लिए विशेष एनक्लोजर ( बाड़ा ) तैयार किया गया है, जिसमें उनके प्राकृतिक वातावरण का खास ध्यान रखा जाएगा। सुरक्षा और देखरेख के लिए भी अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि बाघों को किसी तरह की परेशानी न हो। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जून के पहले सप्ताह में यहां टाइगर के नए जोड़े को लाया जाएगा। 
इसके बाद मिनी जू में फिर से रौनक दिखाई देगी और टाइगर की दहाड़ से जू शीघ्र गुलजार होगा। टाइगर का जोड़ा महाराष्ट्र से रेणुका लाया जाएगा। इसकी स्वीकृति वन्य प्राणी विभाग को केंद्रीय जू प्राधिकरण ( सीजेडए ) से मिल गई है। विभाग टाइगर के जोड़े को रेणुका लाने की प्रक्रिया में जुट गया है। विभाग ने संबंधित ठेकेदार को 15 मई तक बाड़े का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। गौर हो कि मिनी जू रेणुका जी में टाइगर के जोड़े को लाने की कवायद एक दशक से चली आ रही है। विभाग ने बकायदा करीब 1.50 करोड़ की लागत से एक आधुनिक बाड़े का निर्माण करवा रहा है। अब इसका 10 फीसदी काम अधर में लटका हुआ है, जिसे पूरा करने निर्देश जारी कर दिए हैं।
काम पूर्ण होते ही टाइगरों को रेणुका शिफ्ट करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वन्य प्राणी विंग शिमला मंडल के डीएफओ डॉ. शहनवाज अहमद भट्ट ने बताया कि मिनी जू रेणुकाजी में टाइगर के जोड़े को लाने की विभागीय औपचारिकता पूरी कर ली गई है। बाड़े का निर्माण कार्य पूर्ण होते ही जून के पहले हफ्ते में टाइगरों को महाराष्ट्र से यहां लाया जाएगा। इसके लिए सीजेडए भी अप्रूवल मिल गई है। यह प्रदेश का एकमात्र व पहला जोड़ा होगा , जिसे मिनी जू रेणुका जी में पर्यटकों के दीदार के लिए रखा जाएगा। हालांकि विभाग ने बीते नवंबर में टाइगरों को रेणुका जी में शिफ्ट करने का दावा किया था, लेकिन लंबी औपचारिकताओं को निभाने व अप्रूवल लेने में विभाग को छह माह का अतिरिक्त समय लग गया। 
इस पहल से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। रेणुका आने वाले पर्यटक अब लायन सफारी के साथ टाइगर सफारी का भी आनंद ले सकेंगे, जिससे यहां पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाघों के आगमन के बाद सफारी का आकर्षण और बढ़ जाएगा और यह स्थान देशभर के पर्यटकों के लिए और भी खास बन जाएगा।

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