महिला आरक्षण बिल गिराकर कांग्रेस ने 70 करोड़ बहनों की पीठ में छुरा घोंपा , जनाक्रोश पदयात्रा से मिलेगा जवाब : डॉ. बिंदल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर संसद में हुए घटनाक्रम ने कांग्रेस की “एंटी-वूमेन” मानसिकता को पूरी तरह उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष संसद सत्र बुलाकर महिलाओं को सत्ता में भागीदारी देने का ऐतिहासिक प्रयास किया

Apr 22, 2026 - 17:40
Apr 22, 2026 - 18:02
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महिला आरक्षण बिल गिराकर कांग्रेस ने 70 करोड़ बहनों की पीठ में छुरा घोंपा , जनाक्रोश पदयात्रा से मिलेगा जवाब : डॉ. बिंदल
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  22-04-2026

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर संसद में हुए घटनाक्रम ने कांग्रेस की “एंटी-वूमेन” मानसिकता को पूरी तरह उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष संसद सत्र बुलाकर महिलाओं को सत्ता में भागीदारी देने का ऐतिहासिक प्रयास किया, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने मिलकर इस अवसर को कुचलने का काम किया। डॉ. बिंदल ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में मोदी सरकार ने महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए अनेक ठोस कदम उठाए और अब उन्हें नीति निर्धारण में भागीदारी देने का समय आया था। यह वह क्षण था जब देश की 50 प्रतिशत आबादी को सत्ता की चाबी सौंपनी थी , लेकिन कांग्रेस ने इस ऐतिहासिक अवसर पर 70 करोड़ बहनों की पीठ में छुरा घोंपने का काम किया। 
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 40 वर्षों तक महिला आरक्षण को लटकाया, भटकाया और जब इसे लागू करने का समय आया तो दीवार बनकर खड़ी हो गई। बिल गिरने के बाद जश्न मनाना और मिठाइयां बांटना इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस महिलाओं के अधिकारों की विरोधी है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के कांग्रेस नेताओं पर भी सीधा निशाना साधते हुए कहा कि वे इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख नहीं ले रहे हैं और घुमा-फिराकर बयान दे रहे हैं। यह महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ खुला समर्थन है और इसका जवाब हिमाचल की माताएं-बहनें सड़कों पर उतरकर देंगी। डॉ. बिंदल ने घोषणा की कि 23 अप्रैल को शिमला में जन आक्रोश पदयात्रा निकाली जाएगी , जिसमें हजारों महिलाएं कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन करेंगी। यह केवल विरोध नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की निर्णायक लड़ाई है। 
प्रेस वार्ता के दूसरे महत्वपूर्ण विषय पर बोलते हुए डॉ. बिंदल ने हिमाचल प्रदेश सरकार पर पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों को जानबूझकर प्रभावित करने और हाइजैक करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने चुनाव न करवाने के लिए हर संभव प्रयास किया और संवैधानिक प्रक्रिया को बाधित करने की साजिश रची। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग को राज्यपाल को 35 पृष्ठों का पत्र देना पड़ा, जिसमें स्पष्ट किया गया कि प्रदेश सरकार द्वारा सहयोग नहीं किया जा रहा था। यह लोकतंत्र को बंधक बनाने का प्रयास था, जिसे न्यायालय के हस्तक्षेप से रोका गया। डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने पंचायतों और नगर निकायों के लिए केंद्र से आए वित्त आयोग के धन को जबरन अपने पास मंगवा लिया। गांवों और शहरों के विकास का पैसा छीनकर कांग्रेस सरकार ने विकास को रोक दिया। आज तक यह स्पष्ट नहीं कि वह पैसा कहां खर्च हुआ। 
उन्होंने कहा कि इस कदम से न केवल विकास कार्य ठप हुए , बल्कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अधिकारों का भी हनन हुआ। यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि लोकतंत्र के साथ सीधा खिलवाड़ है। डॉ. बिंदल ने शहरी निकाय चुनावों की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि यह जनता और न्याय व्यवस्था की जीत है, जबकि कांग्रेस सरकार की नकारात्मक राजनीति की हार है। उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही पंचायती राज चुनाव भी घोषित होंगे और जनता कांग्रेस को इसका जवाब देगी। उन्होंने कहा कि एक तरफ मोदी सरकार है जो महिलाओं को अधिकार देना चाहती है और दूसरी तरफ कांग्रेस है जो अधिकार छीनने और लोकतंत्र को हाइजैक करने में लगी है , अब जनता निर्णय करेगी।

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