सिरमौर के शिलाई में 300 से अधिक पेड़ों का अवैध कटान , दोषियों को बचाने में लगी कांग्रेस सरकार : डॉ. राजीव बिंदल

हिमाचल भाजपा ने प्रदेश सरकार पर वन माफिया को संरक्षण देने के आरोप लगाए जिला मुख्यालय नाहन में आज मीडिया से बात करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल और प्रदेश प्रवक्ता बलदेव तोमर ने कहा सरकार द्वारा सीधी तौर पर वन माफिया को संरक्षण दिया जा रहा है। हाल में सिरमौर जिला के शिलाई में सामने आए अवैध पेड़ कटान मामले को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि पूरे मामले में लीपापोती करने की कोशिश प्रदेश सरकार कर रही है

Mar 16, 2026 - 16:57
Mar 16, 2026 - 17:12
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सिरमौर के शिलाई में 300 से अधिक पेड़ों का अवैध कटान , दोषियों को बचाने में लगी कांग्रेस सरकार : डॉ. राजीव बिंदल
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यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन  16-03-2026

हिमाचल भाजपा ने प्रदेश सरकार पर वन माफिया को संरक्षण देने के आरोप लगाए जिला मुख्यालय नाहन में आज मीडिया से बात करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल और प्रदेश प्रवक्ता बलदेव तोमर ने कहा सरकार द्वारा सीधी तौर पर वन माफिया को संरक्षण दिया जा रहा है। हाल में सिरमौर जिला के शिलाई में सामने आए अवैध पेड़ कटान मामले को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि पूरे मामले में लीपापोती करने की कोशिश प्रदेश सरकार कर रही है और पेड़ कटान मामले में सरकार हर संभव दोषियों को बचाया जा रहा है जो सरकार को कटघरे में खड़ा करती है। उन्होंने कहा कि यदि जल इस मामले में प्रदेश सरकार द्वारा कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई तो भारतीय जनता पार्टी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। 
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और शिलाई के पूर्व विधायक बलदेव तोमर ने कहा कि इस मामले में पेड़ कटान दोषियों के साथ-साथ बड़े अधिकारियों को भी बचाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि डीएफओ द्वारा यहां नियमों को दरकिनार कर 25 पेड़ को काटने की अनुमति दी गई। उसके बावजूद मौके पर 300 से भी अधिक पेड़ों का कटान हुआ ऐसे में यहां कानून डीएफओ के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पेड़ कटान की आरोपियों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है क्योंकि इनको सीधे तौर पर राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। वहीं भाजपा अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री पर मंडी में आयोजित न्यायपालिका के कार्यक्रम में राजनीति करने के आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका के कार्यक्रम में भी मुख्यमंत्री ने राजनीति कर आरडीजी को लेकर गलत बयान बाजी की है और सीधे तौर पर केंद्र सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। 
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा गलत आंकड़े पेश कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई है जो बेहद निंदनीय है। राजीव बिंदल ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा दिए जा रहे हैं बजट का हिमाचल की कांग्रेस सरकार गलत तरीके से इस्तेमाल कर रही है और लाभार्थियों तक योजनाओं का पैसा नहीं पहुंच रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि शिमला में एक पत्रकार को हरियाणा के विधायकों की फुटेज लेने से पुलिस द्वारा रोकना मामूली बात नहीं है , बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रदेश सरकार के कहने पर ये प्रहार हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ये आदत रही है कि जब भी कोई विषय उनके खिलाफ नजर आता है तो मीडिया के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 40 महीनों में अनेकों बार मीडिया के कर्मियों के साथ कांग्रेस का अन्यायपूर्ण रवैया रहा है जो की निंदनीय है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने सिरमौर जिले के शिलाई विधानसभा क्षेत्र में सैकड़ों चीड़ के पेड़ों के अवैध कटान के मामले को गंभीर बताते हुए प्रदेश सरकार पर दोषियों को बचाने का आरोप लगाया है। 
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दिन-दहाड़े आरा मशीन लगाकर पेड़ों की कटाई की गई और उसके बाद भी प्रशासन लंबे समय तक कार्रवाई करने से बचता रहा, उससे स्पष्ट है कि इस पूरे मामले में सत्ता के संरक्षण की बू आ रही है। डॉ. बिंदल ने कहा कि 5 तारीख को दोपहर के समय आरा मशीन लगाकर चीड़ के पेड़ों का कटान किया गया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए। इसके बावजूद संबंधित विभाग ने उसी दिन कोई कार्रवाई नहीं की। अगले दिन स्वयं कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर आकर यह स्वीकार किया कि उन्होंने पेड़ काटे हैं और यह भी कहा कि उनके पास 25 पेड़ों की अनुमति है और बाकी अनुमति प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने तुरंत इस मुद्दे को उठाया और स्पष्ट किया कि दिन-दहाड़े इस प्रकार का अवैध कटान बिना प्रशासनिक संरक्षण के संभव नहीं है। इसके बाद देर रात 6 तारीख को एफआईआर दर्ज की गई , जिसमें लगभग 307 पेड़ों के कटान की बात कही गई और यह भी बताया गया कि अंधेरा होने के कारण पूरी गणना नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात है कि आज तक भी गणना उसी संख्या पर अटकी हुई है। 
डॉ. बिंदल ने कहा कि संबंधित मंत्री ने बयान देकर इस मामले को भाजपा से जोड़ने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में भाजपा के लोग इसमें शामिल हैं तो सरकार तुरंत उन्हें गिरफ्तार करे और कानून के अनुसार कार्रवाई करे। लेकिन सच्चाई यह है कि जो लोग खुलेआम मीडिया में आकर कटान की बात स्वीकार कर रहे हैं, उनके खिलाफ अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि 25 पेड़ों की अनुमति भी 25 फरवरी को समाप्त हो चुकी थी , इसके बावजूद बड़े पैमाने पर पेड़ों का कटान किया गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब सामान्य लोगों को दो-तीन पेड़ों की अनुमति पाने में महीनों लग जाते हैं तो आखिर 25 पेड़ों की अनुमति किस आधार पर दी गई और क्या इसमें संबंधित अधिकारियों की भूमिका नहीं बनती? डॉ. बिंदल ने कहा कि जिस स्थान पर यह कटान हुआ वह एसडीएम कार्यालय , पुलिस थाना और फॉरेस्ट रेंज कार्यालय से मात्र 500 मीटर की दूरी पर है। इसके बावजूद किसी अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं होना या समय पर कार्रवाई न करना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भाजपा और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस मुद्दे को उठाया, तभी आनन-फानन में दो छोटे कर्मचारियों को निलंबित कर मामले को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि केवल छोटे कर्मचारियों को निलंबित कर देना पर्याप्त नहीं है। 
इस मामले में जिन अधिकारियों ने अनुमति दी और जिन्होंने समय रहते कार्रवाई नहीं की, उनकी भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि इस मामले में सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की तो भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिस प्रकार वन माफिया सक्रिय हो रहा है, उससे स्पष्ट है कि कहीं न कहीं सरकार की शह उन्हें मिल रही है। डॉ. बिंदल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश सरकार लगातार केंद्र सरकार के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जहां 10 वर्षों में लगभग ₹18,000 करोड़ राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant) मिला था, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को लगभग ₹89,000 करोड़ से अधिक की सहायता प्रदान की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र से मिलने वाले धन का सही उपयोग नहीं हो रहा और सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित रह गई है। प्रदेश में सेवानिवृत्त कर्मचारी और अधिकारी अपने बकाया भुगतान के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं, जो कि सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। डॉ. बिंदल ने कहा कि सिरमौर जिले के साथ भी प्रदेश सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सिरमौर और प्रदेश के हितों से जुड़े मुद्दों पर मजबूती से आवाज उठाती रहेगी और यदि सरकार ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो भाजपा सड़कों पर उतरकर जनता के साथ मिलकर आंदोलन करेगी। इस अवसर पर भाजपा विधायक सुखराम चौधरी , रीना कश्यप , भाजपा जिला अध्यक्ष धीरज गुप्ता , मीडिया प्रभारी राकेश गर्ग और प्रताप रावत आदि उपस्थित रहे। 

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