12 किलोमीटर चारपाई पर उठाकर गर्भवती महिला को पहुंचाया अस्पताल , बारिश के चलते अधिकतर सड़कें बंद 

बारिश का दौर जारी रहने के चलते सिरमौर जिला के नागरिक उपमंडल के संगड़ाह-रेणुकाजी-नाहन रोड को छोड़कर अन्य सभी सड़कें 2 दिनों से बंद होने के चलते क्षेत्रवासियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ऐसी विकट परिस्थिति में मंगलवार को क्षेत्र के दूरदराज गांव कजवा से 28 वर्षीय गर्भवती महिला निशा को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को करीब 12 किलोमीटर तक चारपाई पर उठाकर लाना पड़ा

Sep 2, 2025 - 19:46
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12 किलोमीटर चारपाई पर उठाकर गर्भवती महिला को पहुंचाया अस्पताल , बारिश के चलते अधिकतर सड़कें बंद 
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यंगवार्ता न्यूज़ - संगड़ाह  02-09-2025

बारिश का दौर जारी रहने के चलते सिरमौर जिला के नागरिक उपमंडल के संगड़ाह-रेणुकाजी-नाहन रोड को छोड़कर अन्य सभी सड़कें 2 दिनों से बंद होने के चलते क्षेत्रवासियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ऐसी विकट परिस्थिति में मंगलवार को क्षेत्र के दूरदराज गांव कजवा से 28 वर्षीय गर्भवती महिला निशा को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को करीब 12 किलोमीटर तक चारपाई पर उठाकर लाना पड़ा। इसके बाद भी रास्ते में कई जगह कीचड़ व मलबा होने के चलते हायर की गई प्राइवेट गाड़ी को धक्का लगाना पड़ा। महिला के पति हेमचंद ने पहला बच्चा होने के बावजूद सफल प्रसव करवाने के लिए स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों तथा महिला को चारपाई पर उठाने वाले ग्रामीणों का धन्यवाद किया। 
स्वास्थ्य अधिकारी संगड़ाह डॉ. वैभव ने कहा कि आमतौर पर हालांकि वह पहली डिलीवरी वाला केस मेडिकल कॉलेज नाहन रेफर करते हैं , मगर ज्यादातर सड़कें बंद होने और प्रसव में समय न होने के चलते उन्होंने यही पर सफल डिलीवरी करवाई। सुविधाओं के अभाव के बावजूद भी मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि हिमाचल के पहले मुख्यमंत्री रहे डॉ. यशवंत सिंह परमार का हल्का रहे रेणुका विधानसभा क्षेत्र की सीएचसी संगड़ाह को वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा आदर्श अस्पताल घोषित किए गए जाने के बावजूद यहां एक्सरे , अल्ट्रासाउंड व जनरेटर जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। 
इसके अलावा यहां डॉक्टर व विशेषज्ञों के 10 स्वीकृत पदों में से एकमात्र नियमित चिकित्सक मौजूद है, जबकि एक अन्य स्वास्थ्य परियोजना से प्रतिनियुक्त किया गया है। वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा संगड़ाह में विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता व सहायक अभियंता कार्यालय बंद किए जाने के बाद क्षेत्र में आए दिन घंटों बिजली गुल रहती है और जनरेटर न होने की चलते कई बार पूरी पूरी रात मरीजों को अंधेरे में काटनी पड़ती है। बहरहाल ग्रामीणों ने लगी बारिश में महिला को करीब 12 किलोमीटर चारपाई पर उठाकर जच्चा-बच्चा दोनों की जान बचाई।

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