यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 05-02-2026
जुन्गा तहसील की ग्राम पंचायत जनेडघाट में वन अधिकार अधिनियम पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें जुन्गा तहसील की नौ पंचायतों के 80 से ज्यादा एफआरए समिति के पदाधिकारियों ने भाग लिया। शिविर की अध्यक्षता करते हुए तहसीलदार जुन्गा कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि 13 दिसंबर 2005 से पहले यदि वन भूमि पर कम से कम तीन पुश्तों से व्यक्तिगत अथवा सामूहिक कब्जा व हकूक है।
ऐसे मामले वन अधिकार समिति के माध्यम से ग्राम सभा में प्रस्तुत किए जाएं , ताकि ग्राम सभा में संबंधित व्यक्ति अथवा गांव के सामूहिक हकूक बारे पुष्टि हो सके। तहसीलदार ने बताया कि ग्राम सभा में संबधित वन भूमि मामले पर तीन प्रपत्र भरे जाएंगे , जिसमें इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि कम से कम तीन पुश्तों से काश्त की जा रही वन भूमि एक हेक्टेयर से अधिक न हो। उन्होने बताया कि काबिज वन भूमि बारे मामले व्यक्तिगत अथवा गांव के सामूहिक भी हो सकते हैं। उन्होने बताया कि एफआरए मामलों को संबंधित तहसीलदार व एसडीएम को प्रस्तुत किया जाएगा।
जहां पर पुनः तीन पुश्तों से काबिज वन भूमि बारे एक बार फिर पुष्टि की जाएगी। इस प्रकार ऐसे मामले उपायुक्त के माध्यम से सरकार को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित किए जाएंगे। उन्होंने एफआरए समिति के पदाधिकारियों से आग्रह किया कि वह अपने अपने क्षेत्र में इस प्रकार के मामलों बारे लोगों को जागरूक करें और तय सीमा में ग्राम सभा में प्रस्तुत किए जाएं ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर इसका समाधान मिल सके।