यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 04-03-2025
हिमाचल प्रदेश में 4 तारीख बीत जाने के बाद भी अभी पेंशनर को पेंशन नही मिली है।वहीं लंबे समय से पेंशनर्स के भत्तों की अदायगी भी अधर में लटकी है।भत्तों की अदायगी व समय से पेंशन न मिलने पर अब पेंशनर संघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान कर दिया है और सड़क पर उतरकर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। पेंशनर्स संघ का कहना है कि सरकार लंबे समय से उनकी अनदेखी कर रही है जिसके कारण उन्हें मजबूरन प्रदर्शन के लिए उतरना पड़ेगा।उन्होंने कहा कि अगर बजट सत्र तक मांगों पर पर विचार नही किया गया तो उनको सड़कों पर उतरना पड़ेगा। वही पेंशनर कल्याण संघ की आज विभिन्ने मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री के साथ चर्चा भी हुई।
हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के राज्य प्रधान आत्माराम शर्मा ने कहां की पेंशनर्स को हर महीने की पहली तारीख को पेंशन की अदायगी हो जाती थी , लेकिन आज 4 तारीख हो जाने के बावजूद भी पेंशनर्स के खाते में पेंशन नहीं आई है। उन्होंने कहा कि चार जिले कांगड़ा , हमीरपुर , ऊना और मंडी जहां पर पेंशन की अदायगी अभी तक नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि आज उनकी मुख्यमंत्री के साथ बैठक भी हुई व उनके समक्ष महीने की पहली तारीख को ही पेंशन देने की मांग की है। वहीं उन्होंने कहा कि पेंशन की अदायगी के साथ मुख्यमंत्री से छठे पे कमीशन के के एरियर व भत्तों की अदायगी की मांग भी उठाई है। आत्माराम शर्मा ने कहा कि गत सरकार में भी पेंशनर्स को सिर्फ 50000 की अदा की हुई और वहां पर वर्तमान सरकार में भी मात्र डीए की दो किस्त मिली है और एरियर अभी भी पेंडिंग है।
उन्होंने कहा कि सरकार 10 तारीख से शुरू होने वाले बजट सत्र में कम से कम 50% भत्तों की अदायगी का प्रावधान करे। उन्होंने कहा कि 2016 से 2022 के बीच जो सेवानिवृत्त हुए हैं उनकी लगभग 4000 करोड़ के भत्ते अभी लंबित पड़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द से जल्द जेसीसी का गठन करें। वही प्रदेश में 1 लाख 85000 जो पेंशनर है उनके एरियर और डीए की किस्तों की अदायगी जल्द की जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने आज हुई बैठक में आश्वासन दिया है कि बजट सत्र के दौरान उनके साथ बैठक कर उनकी मांगों पर चर्चा की जाएगी। आत्माराम शर्मा ने कहा कि अगर बजट सत्र के दौरान उनकी मांगे नहीं मानी जाती तो मजबूरन उन्हें सड़कों पर उतरेंगे और सरकार के खिलाफ हल्ला बोलेंगे।