अंदरौली में पर्यटन विकास पर खर्च होंगे 12.50 करोड़ , ख़रीदे जायेंगे जलीय मनोरंजक के उपकरण : उपायुक्त 

कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत गोबिंद सागर झील के किनारे स्थित पर्यटन स्थल अंदरौली में पर्यटन विकास पर करीब 12.50 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इस धनराशि का उपयोग जेट स्कीइंग, कायाकिंग , नौकायन और यॉच जैसी विभिन्न जलीय मनोरंजक गतिविधियों के उपकरण खरीदने के लिए किया जाएगा , जिससे अंदरौली को पर्यटकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाया जा सके

Sep 3, 2024 - 19:55
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अंदरौली में पर्यटन विकास पर खर्च होंगे 12.50 करोड़ , ख़रीदे जायेंगे जलीय मनोरंजक के उपकरण : उपायुक्त 
यंगवार्ता न्यूज़ - ऊना  03-09-2024
कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत गोबिंद सागर झील के किनारे स्थित पर्यटन स्थल अंदरौली में पर्यटन विकास पर करीब 12.50 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इस धनराशि का उपयोग जेट स्कीइंग, कायाकिंग , नौकायन और यॉच जैसी विभिन्न जलीय मनोरंजक गतिविधियों के उपकरण खरीदने के लिए किया जाएगा , जिससे अंदरौली को पर्यटकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाया जा सके। यह जानकारी उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने कुटलैहड़ पर्यटन विकास समिति ( केटीडीएस ) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उपायुक्त ने बताया कि इन जलीय गतिविधियों के अलावा, स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए फूड वैन भी खरीदी जाएंगी। 
साथ ही, गरीब दास मंदिर के पास एक प्रतीक्षा स्थल ( वेटिंग एरिया ) विकसित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे पर्यटकों को और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उपायुक्त ने बताया कि अंदरौली में इस वर्ष पहली बार एक भव्य कार्निवल का आयोजन किया जाएगा। यह कार्निवल 25 दिसंबर से 31 जनवरी तक चलेगा और इसमें जल क्रीड़ाएं , सांस्कृतिक कार्यक्रम , स्थानीय स्ट्रीट फूड स्टॉल और कैंडल कैंपिंग जैसी मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने कुटलैहड़ दौरे में कार्निवल के आयोजन को लेकर निर्देश दिए थे। 
उनके निर्देशानुरूप जिला प्रशासन इसकी तैयारियों में जुट गया है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन से न केवल अंदरौली के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यहां की उत्सवधर्मी संस्कृति का भी एक नया अध्याय शुरू होगा। कार्निवल में आयोजित होने वाली विविध गतिविधियाँ स्थानीय संस्कृति और पर्यटन को एक नया आयाम देंगी। उपायुक्त ने मंदिर पीर गौस पाक ग्यारहवीं वाला चंगर चैरिटेबल सोसायटी की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें उन्होंने मंदिर में चल रहे 11 करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। 
उन्होंने मंदिर तक अस्थायी रास्ते के निर्माण को शीघ्र पूरा करने और 15 सितंबर तक श्रद्धालुओं की मंदिर तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, मंदिर के प्रथम और द्वितीय तल को लीज़ पर देने के लिए टेंडर शीघ्र बुलाए जाएंगे, और मंदिर चैरिटेबल समिति ने आंगन को पक्का करने और चारदीवारी निर्माण के लिए 3 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। बैठक में एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल, सीपीओ संजय सांख्यान, जिला पंचायत अधिकारी नीलम कटोच, बीडीओ बंगाणा सुशील कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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