राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, जुन्गा में फिंगर प्रिंट प्रशिक्षण संपन्न
बीते एक माह से राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, जुन्गा में चल रहे फिंगर प्रिंट प्रशिक्षण का बुधवार को समापन हो गया । इस प्रशिक्षण में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से दस पुलिस अन्वेषण अधिकारियों ने भाग लिया
इसके अतिरिक्त फिगर प्रिंट के प्रकार जैसे कि सर्च, रिकार्ड कैदी और नमूना पर्ची, अलग-अलग प्रकार के फिंगर प्रिंट पर्ची, फिंगर प्रिंट फोटोग्राफी, अदृश्य और आकस्मिक निशानों को उभारने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पाउडर के प्रकार , फिंगरप्रिंट स्लिप तैयार करते समय सावधानियाँ फिंगरप्रिंट का महत्वय सर्च, रिकॉर्ड, जेल और सैंपल स्लिप क्या हैं, संदिग्ध, दोषी, बरी हुए और ट्रेस किए गए व्यक्तियों के फिंगरप्रिंट की ट्रेनिंग, मोर्फो नामांकन सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन बारे प्रशिक्षण दिया गया ।
डॉ0 मीनाक्षी महाजन ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों में इस्तेमाल होने वाले एनरोलमेंट की भूमिका, पुलिस द्वारा जेल से रिहा किए गए व्यक्तियों की स्लिप तैयार करते समय बरती जाने वाली सावधानियाँ, राष्ट्रीय फिंगरप्रिंट नंबर, प्लास्टिक, दिखाई देने वाले और खून के धब्बे वाले फिंगरप्रिंट बारे भी प्रशिक्षण दिया गया।
गौरतलब है कि प्रोफिशिएंट (निपुण) जिला मुख्यालय में मुख्य प्रोफिशिएंट शाखा में बैठते है जहा से वे सजा पाया हुुए अपराधियों की अभिलेख पर्चीयों एवं मुकदमों में नामजद अभियुक्तों खोज पर्चीयों का प्रवीष्ठी नेफिस एवं मापन संग्रह इकाई के माध्यम से करते है।
डॉ. मीनाक्षी महाजन ने कहा कि मौजूदा हालात में पूरे भारत में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो अपराधियों का रिकार्ड संग्रहित एवं संचालित करता है तथा प्रत्येक राज्य प्रत्यक्ष रूप से इस ब्यूरों से नेफिस एवं एमसीयू के माध्यम से जुडे़ हुए है जो कि अपराधियों से संबंधित जानकारी फिंगर पिं्रटस स्लिपस के जरिए पहचान एवं मिलान करते है। उन्होने कहा कि जिन पुलिस अन्वेषण अधिकारयों ने एक महिने का प्रशिक्षण प्राप्त किया है वो जिले की प्रोशिसिएंट बं्राच में अपनी सेवाएं देने में सक्षम होगे।
-0-
What's Your Reaction?



