शिमला 20 मई, 2026 :
ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरकार अपनी बजट घोषणा के अनुरूप मुख्यमंत्री महिला सशक्तीकरण योजना शुरू करने जा रही है। इस योजना के माध्यम से कृषि, उद्यानिकी एवं संबद्ध गतिविधियों के साथ-साथ स्वरोजगार के अन्य व्यवसाय शुरू करने के लिए महिलाओं को ऋण की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
सरकार की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर सृजित करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान होगी। योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों की उन महिलाओं को लाभान्वित किया जाएगा, जिनके परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक नहीं है।
हिमाचल प्रदेश महिला विकास निगम के माध्यम से अनुसूचित बैंकों द्वारा तीन लाख रुपये तक का ऋण डेयरी, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन, खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई, बुटीक, ब्यूटी पार्लर सहित विभिन्न स्वरोजगार इकाइयों की स्थापना के लिए उपलब्ध करवाया जाएगा। इस ऋण पर देय ब्याज का 4 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और बदलती सामाजिक-आर्थिक आवश्यकताओं एवं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। महिलाएं सशक्त बनेंगी तो पूरा परिवार आर्थिक रूप से सशक्त बनेगा।