कुपोषित बच्चों पर विशेष रूप से करें फोकस : गंधर्वा राठौड़

उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने सोमवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं से संबंधित जिला स्तरीय निगरानी एवं समीक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करके इन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

Mar 23, 2026 - 19:27
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कुपोषित बच्चों पर विशेष रूप से करें फोकस : गंधर्वा राठौड़
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महिला एवं बाल विकास योजनाओं की समीक्षा के दौरान डीसी ने दिए निर्देश

इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत जिला में खर्च किए गए 2.25 करोड़

यंगवार्ता न्यूज़ - हमीरपुर    23-03-2026

उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने सोमवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं से संबंधित जिला स्तरीय निगरानी एवं समीक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करके इन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिला में छह माह से 3 साल तक के 11,478 बच्चों, 3 साल से 6 साल तक के 3965 बच्चों, 1834 गर्भवती महिलाओं और 2167 धात्री महिलाओं को कुल 1351 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषाहार दिया जा रहा है। 

बच्चों के शारीरिक विकास पर नजर रखी जा रही है। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार जिला में कुल 21,322 बच्चों में से 113 बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित पाए गए हैं, जबकि 490 बच्चे आंशिक रूप से कुपोषित हैं। उपायुक्त ने महिला एवं बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इन बच्चों पर विशेष रूप से फोकस करने के निर्देश दिए। आंगनवाड़ी केंद्रों में विभिन्न सुविधाओं के संबंध में भी बैठक में व्यापक चर्चा की गई।
 
गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि महिलाओं के कल्याण, उत्थान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए मिशन शक्ति के तहत कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। अत्याचार की शिकार महिलाओं की त्वरित मदद और शरण प्रदान करने के लिए हमीरपुर में वन स्टॉप सेंटर की स्थापना की गई है। इस वित्त वर्ष में अभी तक इस सेंटर के माध्यम से 112 महिलाओं की त्वरित मदद की गई है। टॉल फ्री महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर प्राप्त शिकायतों का भी त्वरित निपटारा किया गया है।
 
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि इस योजना के तहत आयोजित की जा रही विभिन्न जागरुकता गतिविधियों और बेटियों को प्रोत्साहित करने से अच्छे परिणाम सामने आए हैं और इससे जिला के लिंगानुपात में काफी सुधार देखने को मिल रहा है। अभी जिला में जन्म के समय लिंगानुपात बढ़कर 984 हो गया है।
 
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत जिला में इस वित्त वर्ष में अभी तक 1.98 करोड़ से अधिक धनराशि खर्च की जा चुकी है। बेटी है अनमोल योजना में 5.87 लाख रुपये, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना 70.89 लाख, मुख्यमंत्री शगुन योजना 82.46 लाख और विधवा पुनर्विवाह योजना के तहत 24 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। निराश्रित महिलाओं के बच्चों की शिक्षा के लिए इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत 2.25 करोड़ रुपये की वित्तीय मदद दी गई है।
 

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