केंद्र के सहयोग पर टिका हिमाचल का विकास , पूर्व सीएम धूमल ने सुक्खू सरकार के बजट को बताया दिशाहीन 

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा विधानसभा में पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2026-27 के राज्य बजट की कड़ी आलोचना की है। प्रो. धूमल ने इस बजट को पूरी तरह से दिशाहीन, दूर दृष्टि से विहीन और प्रदेश की प्रगति को बाधित करने वाला करार दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस बार बजट में लगभग 3,586 करोड़ रुपए की भारी कटौती की गई है।

Mar 21, 2026 - 20:00
 0  6
केंद्र के सहयोग पर टिका हिमाचल का विकास , पूर्व सीएम धूमल ने सुक्खू सरकार के बजट को बताया दिशाहीन 
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media

यंगवार्ता न्यूज़ - हमीरपुर  21-03-2026
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा विधानसभा में पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2026-27 के राज्य बजट की कड़ी आलोचना की है। प्रो. धूमल ने इस बजट को पूरी तरह से दिशाहीन, दूर दृष्टि से विहीन और प्रदेश की प्रगति को बाधित करने वाला करार दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस बार बजट में लगभग 3,586 करोड़ रुपए की भारी कटौती की गई है। यह कटौती स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि वर्तमान सरकार प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने की बजाय उन्हें सीमित करने और रोकने की दिशा में आगे बढ़ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने चिंता जताते हुए कहा कि बजट के आकार में की गई इस कटौती का सीधा और नकारात्मक असर प्रदेश की सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई और ग्रामीण विकास जैसी बुनियादी योजनाओं पर पड़ेगा। 
उन्होंने सुक्खू सरकार को घेरते हुए कहा कि कृषि, बागवानी, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे प्रदेश की आर्थिकी से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए राज्य सरकार की ओर से किसी भी ठोस नई पहल का पूरी तरह से अभाव है। बजट के अधिकतर प्रावधान केवल केंद्र प्रायोजित योजनाओं पर ही आधारित है , जिससे यह साफ होता है कि हिमाचल प्रदेश का विकास आज भी पूरी तरह से केंद्र सरकार के सहयोग पर ही टिका हुआ है। कांग्रेस की चुनाव पूर्व गारंटियों पर कड़ा प्रहार करते हुए प्रो. धूमल ने कहा कि वर्ष 2022 के चुनावों के दौरान कांग्रेस द्वारा दी गई गारंटियां आज तक अधूरी पड़ी हैं। युवाओं को एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वायदा अब तक पूरा नहीं हो सका है, जबकि 5 लाख रोजगार सृजन का दावा भी महज कोरी घोषणाओं तक ही सीमित रह गया है। 
इसके अलावा प्रदेश की 28 लाख महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए सम्मान निधि देने की योजना भी 40 महीने का समय बीत जाने के बाद भी पूरी तरह से धरातल पर नहीं उतर पाई है। किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए धूमल ने कहा कि दूध खरीद को लेकर भी वादों में कटौती देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय 100 रुपए प्रति लीटर दूध खरीदने का वायदा किया गया था, लेकिन बजट में इसे 60 रुपए तक ही सीमित करने की बात सामने आई है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालकों के साथ घोर अन्याय है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow