प्रदेश में मेधावी छात्रों को बिना जमानत और बिना गारंटर के शिक्षा ऋण करवाया जाएगा उपलब्ध
भारत सरकार ने मेधावी छात्रों को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से तीन नई योजनाएं शुरू की हैं। इनके तहत बिना जमानत और बिना गारंटर के शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जा रहा
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 10-03-2026
भारत सरकार ने मेधावी छात्रों को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से तीन नई योजनाएं शुरू की हैं। इनके तहत बिना जमानत और बिना गारंटर के शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उच्च शिक्षा निदेशालय के अनुसार प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के तहत छात्रों को बिना किसी कोलेटरल और गारंटर के शिक्षा ऋण लेने की सुविधा दी गई है।
इस योजना के अंतर्गत ऐसे विद्यार्थी, जिनके परिवार की वार्षिक आय आठ लाख रुपये तक है, उन्हें दस लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण पर तीन प्रतिशत ब्याज सब्सिडी का लाभ मिलेगा। इससे उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी छात्रों को राहत मिलेगी।
शिक्षा निदेशक ने सभी जिला उपनिदेशकों को पत्र जारी कर इन योजनाओं से पात्र विद्यार्थियों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा पीएम-यूएसपी सीएसआईएस (प्रधानमंत्री ब्याज सब्सिडी योजना) के तहत भी विद्यार्थियों को विशेष लाभ दिया जा रहा है।
योजना के तहत चार लाख पचास हजार तक की वार्षिक आय वाले परिवारों के छात्रों को भारत के मान्यता प्राप्त संस्थानों में प्रोफेशनल और तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए लिए गए शिक्षा ऋण पर मोरेटोरियम अवधि के दौरान पूरा ब्याज केंद्र सरकार वहन करेगी। यह सुविधा दस लाख तक के शिक्षा ऋण पर उपलब्ध है।
निदेशालय ने बताया कि क्रेडिट गारंटी फंड स्कीम फॉर एजुकेशन लोन के माध्यम से भी छात्रों को राहत दी जा रही है। योजना के तहत सात लाख पचास हजार रुपये तक के शिक्षा ऋण पर सरकार 75 प्रतिशत तक की गारंटी कवर प्रदान करती है। इससे छात्रों को बिना कोलेटरल सिक्योरिटी और बिना तीसरे पक्ष की गारंटी के भी शिक्षा ऋण प्राप्त करने में सुविधा मिलती है।
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