व्यवस्था परिवर्तन : एचआरटीसी की बसों अब महिलाओं बनाना होगा हिम कार्ड , तभी मिलेगी किराए में छूट

हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में सफर करने वाली लाखों महिलाओं को बस में 50 फिसदी तक किराए में छूट के लिए अब हिम कार्ड बनान आवश्यक हो गया है। सरकार ने इसके लिए 31 जनवरी तक हिम कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ऐसे में 31 जनवरी के बाद महिलाओं के पास हिम बस कार्ड नहीं होंगे , तो उन्हें निगम की बसों में किराए में मिलने वाली पचास प्रतिशत छूट का लाभ नहीं मिलेगा

Dec 23, 2025 - 19:42
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व्यवस्था परिवर्तन : एचआरटीसी की बसों अब महिलाओं बनाना होगा हिम कार्ड , तभी मिलेगी किराए में छूट
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 यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  23-12-2025

हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में सफर करने वाली लाखों महिलाओं को बस में 50 फिसदी तक किराए में छूट के लिए अब हिम कार्ड बनान आवश्यक हो गया है। सरकार ने इसके लिए 31 जनवरी तक हिम कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। ऐसे में 31 जनवरी के बाद महिलाओं के पास हिम बस कार्ड नहीं होंगे , तो उन्हें निगम की बसों में किराए में मिलने वाली पचास प्रतिशत छूट का लाभ नहीं मिलेगा। महिलाओं को बस कार्ड न होने के चलते पूरा किराया चुकाना होगा। हिमाचल पथ परिवहन निगम द्वारा राज्य में किराए में छूट प्राप्त कर रहे विभिन्न 28 कैटेगरी यात्रियों को हिम बस कार्ड बनाना सरकार द्वारा अनिवार्य किया गया है। राज्य में अभी तक 26 हजार के करीब हिम बस कार्ड ही बनाए गए हैं , जबकि निगम की बसों में रोजाना करीब चार से पांच लाख लोग सफर करते हैं। 
इन यात्रियों में करीब दो लाख महिलाएं प्रतिदिन बसों में सफर करती है , जिन्हें किराए में 50 फीसदी की छूट निगम की बसों में प्रदान की जा रही है। अब प्रत्येक महिला को जो बसों में सफर के दौरान किराए में 50 प्रतिशत की छूट चाहती है तो उन्हें हिम बस कार्ड बनाना अनिवार्य किया गया है। सरकार द्वारा निगम की बसों में फर्जीवाड़ा रोकने और यात्रियों को बेहतर यात्रा सुविधा देने के उद्देश्य से यह कार्ड बनाना अनिवार्य किया गया है। इसमें राज्य के तीन हजार दिव्यांग भी शामिल है। उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि राज्य में 31 जनवरी तक हिम बस कार्ड बनाने समय निर्धारित किया गया है। निगम की बसों में निशुल्क सफर करने वाली और किराए में छूट प्राप्त करने वाली सभी श्रेणियों को हिम बस कार्ड बनाना अनिवार्य है। 
रियायती दरों पर सफर करने वाली सभी श्रेणियों के लिए हिम एक्सेस पोर्टल पर यह कार्ड बनाए जा रहे हैं। कार्ड धारक सभी श्रेणियों को हिम बस कार्ड के माध्यम से ना केवल सफर करने में आसानी होगी बल्कि उन्हें भविष्य में इस कार्ड को बनाने के लिए लाइन में लगने की भी जरूरत नहीं है। ऑनलाइन और ऑफलाइन इन दोनों माध्यमों से यह कार्ड बनाए जा रहे हैं। हिम बस कार्ड बनाने के लिए पहले वर्ष 200 रुपए चुकाने होंगे। जीएसटी के साथ 236 रुपए चुकाने होंगे इससे पहले यह व्यवस्था नहीं थी। इसकी वैधता एक वर्ष की होगी। दूसरे वर्ष फिर 150 रुपए में रिन्यू होगा। यदि कोई इसकी होम डिलीवरी चाहता है तो डाक के जरिए घर तक भी कार्ड पहुंच जाएगा। इसके 42 रुपए अतिरिक्त देने होंगे। निगम प्रबंधन ने इसके लिए डाक विभाग के साथ करार किया है। 
हिम बस कार्ड क्यूआर कोड से एक्टिवेट होगा , जिसे स्कैन करने के बाद एक्टिवेट किया जाएगा। कार्ड निगम कार्यालय, बस अड्डा सहित ऑनलाइन भी प्राप्त किया जा सकेगा। यूनिफाइड डिजिटल कार्ड जिसे मशीन में स्वैप करने के बाद व्यक्ति की पहचान सामने आ रही है और इससे एचआरटीसी को साल में करीब 12 करोड़ रुपये की बचत होगी। एचआरटीसी 28 श्रेणियों के यात्रियों को रियायती सफर की सुविधा देता है। इनमें से 17 श्रेणियों को निशुल्क यात्रा सुविधा है। इन सभी श्रेणियों को यह कार्ड बनाना अनिवार्य है, इसमें पुलिस, प्रेस, दिव्यांग व कैंसर मरीज सहित अन्य श्रेणियां शामिल हैं। 
उनका पूरा रिकॉर्ड इस कार्ड के माध्यम से ट्रैक किया जा रहा है कि किस यात्री ने एक वर्ष में निगम की बसों में कितना सफर किया है। हिम बस कार्ड के कई लाभ हैं। यह डिजिटल कार्ड है, जो एटीएम की तरह बसों में यात्रा के दौरान पेमेंट के लिए चल रहा है। किराया देने के लिए इस कार्ड का इस्तेमाल करने पर पांच प्रतिशत की छूट मिल रही है चाहे किसी यात्री के पास ग्रीन, स्मार्ट व सम्मान कार्ड भी न हो। दूसरा कैशबैक भी इसमें मिलेगा। दस हजार रुपए का सफर जब हो जाएगा, तो दो हजार तक का कैशबैक मिलेगा।

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