समेकित बाल विकास परियोजना ऊना और हरोली में पोषण पखवाड़ा आयोजित

पोषण अभियान के अंतर्गत समेकित बाल विकास परियोजना ऊना और हरोली के तहत रैंसरी, गलुआ, कालीवड़ी और हरोली-एक में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी ( आइसीडीएस ) नरेंद्र कुमार ने बताया कि जिला की सभी आगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इस दौरान शिविरों के माध्यम से पोषण अभियान के पांच सूत्र - सुनहरे 1000 दिन, एनीमिया प्रबंधन, डायरिया रोकथाम स्वच्छता, और पोष्टिक आहार के बारे लोगों को जागरूक किया जा रहा है

Apr 21, 2025 - 18:18
 0  51
समेकित बाल विकास परियोजना ऊना और हरोली में पोषण पखवाड़ा आयोजित
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media

यंगवार्ता न्यूज़ - ऊना  21-04-2025
पोषण अभियान के अंतर्गत समेकित बाल विकास परियोजना ऊना और हरोली के तहत रैंसरी, गलुआ, कालीवड़ी और हरोली-एक में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी ( आइसीडीएस ) नरेंद्र कुमार ने बताया कि जिला की सभी आगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इस दौरान शिविरों के माध्यम से पोषण अभियान के पांच सूत्र - सुनहरे 1000 दिन, एनीमिया प्रबंधन, डायरिया रोकथाम स्वच्छता, और पोष्टिक आहार के बारे लोगों को जागरूक किया जा रहा है। 
उन्होंने बताया कि कुपोषण से लक्षित वर्गों को बचाने के लिए हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी महिला एवं बाल विकास द्वारा आंगनवाड़ी स्तर, पर्यवेक्षक वृत्त स्तर तथा परियोजना स्तर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं जिनके माध्यम से लक्षित वर्गों को पौष्टिक आहार के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रमों की सफलता के लिए जहां जन-जन का सहयोग आवश्यक है वहीं जन प्रतिनिधियों, स्कूल प्रबंधन समितियों, सरकारी विभागों, सामाजिक संगठनों तथा समस्त सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की समावेशी भागीदारी अपेक्षित है। उन्होंने बताया कि समय-समय पर गर्भवती, धात्री एवं नवजात शिशु का हेल्थ चेकअप करवाना अति आवश्यक है तथा उनका समय पर वैक्सीनेशन व टीकाकरण भी करवाया जाना आवश्यक है। 
गर्भवती, धात्री एवं नवजात  शिशुओं  को संतुलित पौष्टिक आहार लेना चाहिए, आयरन फोलिक एसिड की टेबलेट के साथ-साथ मिनरल्स युक्त, कैल्शियम, आयरन युक्त आहार लेना चाहिए तथा कुपोषित और अल्प कुपोषित बच्चों की ओर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए और उन्हें किसी विशेषज्ञ डॉक्टर व डाइटिशियन से परामर्श करके  उचित उपचार करवाने के साथ-साथ पौष्टिक आहार देकर उसके स्वास्थ्य में सुधार किया जा सकता है। शिविरों में गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म भी की गई तथा खान-पान में पोषक पदार्थों को ज्यादा से ज्यादा शामिल करने को लेकर जागरूक किया गया। इस दौरान सीडीपीओ शिव सिंह, पर्यवेक्षक नीलम कुमारी, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर ज्योति पाठक सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow