स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया : त्रिलोक कपूर

भाजपा प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने कहा कि जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की जयंती के उपलक्ष्य में 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस उपलक्ष में प्रदेश और देश में अनेको कार्यक्रम का आयोजन

Nov 15, 2025 - 15:41
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स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया : त्रिलोक कपूर
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला   15-11-2025

भाजपा प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने कहा कि जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की जयंती के उपलक्ष्य में 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस उपलक्ष में प्रदेश और देश में अनेको कार्यक्रम का आयोजन किया गया पर अच्छा होता अगर कांग्रेस सरकार भी इन कार्यक्रमों का आयोजन करती और उनमें बढ़-चढ़कर भाग लेती। 

उन्होंने कहा जब भी केंद्रीय कार्यक्रम आते हैं चाहे वह अंतरराष्ट्रीय योग दिवस क्यों ना हो उसको भी कांग्रेस पार्टी उनकी सरकार मिलकर दरकिनार करती है। 
जनजातीय कार्य मंत्रालय ब्रिटिश शासन के विरुद्ध विभिन्न जनजातीय आंदोलनों और विद्रोहों की स्मृति में तथा उनकी संस्कृतियों और इतिहास को बढ़ावा देने के लिए 11 संग्रहालय स्थापित कर रहा है जिससे इस बड़े कार्यक्रम के बारे में बड़ी जानकारियां युवा एवं देश के हर वर्ग को मिलेगी। 

भारत के जनजातीय नेताओं ने दमनकारी ब्रिटिश शासन और सामंती व्यवस्था का विरोध करने में अहम भूमिका निभाई है। इनमें से कई विद्रोह, बगावत और आंदोलनों को मुख्यधारा के भारतीय इतिहास में कम प्रतिनिधित्व मिला है, हालाँकि इन आंदोलनों ने आज के भारत को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 

सरकार ने जनजातीय नेताओं से जुड़ी जानकारी को संरक्षित, प्रलेखित और प्रसारित करने तथा जनता को इन आंदोलनों के बारे में जागरूक करने के लिए संग्रहालय स्थापित करने का फैसला लिया है, यह स्वागत योग्य है।  उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय, रांची, झारखंड का उद्घाटन 15 नवंबर 2021 को किया था।

झारखंड के उलिहातु गाँव में जन्मे बिरसा मुंडा ने उलगुलान या "महा-उग्र" (1899-1900) का नेतृत्व किया, जो जनजातीय स्वशासन और खुंटकट्टी (सामुदायिक भूमि अधिकार) की बहाली के लिए एक उग्र आंदोलन था। एक आध्यात्मिक सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी के तौर पर, उन्होंने मुंडा जनजातियों को ब्रिटिश भूमि कानूनों और सामंती शोषण के खिलाफ एकजुट किया। 

धरती आबा ("पृथ्वी के पिता") के रूप में प्रसिद्ध बिरसा मुंडा ने औपनिवेशिक प्रभाव से मुक्त एक नैतिक, स्व-शासित समाज की कल्पना की। 25 वर्ष की उम्र में उन्हें रांची जेल में बंदी बनाकर शहीद कर दिया गया।

भाजपा वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने कहा कि जिस प्रकार से भाजपा की बिहार में प्रचंड जीत सामने आई है और कांग्रेस पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा है उससे हिमाचल में भी समीकरण कांग्रेस के खिलाफ पूर्ण रूप से जाते दिखाई दे रहे हैं। 

कांग्रेस पार्टी का प्रदर्श एक क्षेत्रीय दल जैसा रहा जहां कांग्रेस ने 60 सीटों पर उम्मीदवार उतरे और कांग्रेस ने सिर्फ़ छह 6 जीती। इस रुझान का मतलब है कि 2027 में हिमाचल कांग्रेस केवल 5 ही सीटें जीत पाएगी।

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