1500 की गारंटी पर सत्ता, 3 साल में जुमले और क्षेत्रवाद; कांग्रेस ने 28 लाख महिलाओं से किया खुला विश्वासघात : रमा ठाकुर 

पूरे प्रदेश की जगह चुनिंदा इलाकों में ₹1500 की घोषणासे कांग्रेस ने महिलाओं को बांटने की राजनीति  शुरू कर दी है.भाजपा प्रदेश मीडिया सह संयोजक रमा ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा मनाली में ₹1500 देने की घोषणा पर तीखा हमला

Jan 21, 2026 - 16:37
Jan 21, 2026 - 16:41
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1500 की गारंटी पर सत्ता, 3 साल में जुमले और क्षेत्रवाद; कांग्रेस ने 28 लाख महिलाओं से किया खुला विश्वासघात : रमा ठाकुर 

यंगवार्ता न्यूज़ - मंडी    21-01-2026

पूरे प्रदेश की जगह चुनिंदा इलाकों में ₹1500 की घोषणासे कांग्रेस ने महिलाओं को बांटने की राजनीति  शुरू कर दी है.भाजपा प्रदेश मीडिया सह संयोजक रमा ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा मनाली में ₹1500 देने की घोषणा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी झूठी गारंटियों के सहारे सत्ता में आई और सत्ता में आने के बाद प्रदेश की 28 लाख महिलाओं के साथ खुला विश्वासघात कर रही है। 

उन्होंने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान प्रियंका गांधी, अलका लांबा, राजीव शुक्ला सहित कांग्रेस के सभी शीर्ष नेताओं ने 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग की हर महिला को बिना किसी शर्त ₹1500 प्रतिमाह देने की बात कही थी, लेकिन आज तीन साल बीत जाने के बाद भी यह वादा केवल जुमला बनकर रह गया है।

रमा ठाकुर ने कहा कि चुनाव के समय कांग्रेस ने न आय सीमा की बात की, न पात्रता की और न ही किसी क्षेत्रीय भेदभाव का उल्लेख किया, लेकिन सत्ता में आते ही कांग्रेस सरकार ने अपने ही वादों पर शर्तें, नियम और क्षेत्रवाद थोपना शुरू कर दिया। 

आज हाल यह है कि सरकार चुनाव के करीब आते ही ₹1500 की घोषणाओं का शोर मचाती है, जबकि हकीकत यह है कि प्रदेश की अधिकांश महिलाओं को यह राशि कहीं भी नहीं मिल रही। मंचों, होर्डिंग्स और विज्ञापनों में ₹1500 गूंजता है, लेकिन महिलाओं के खातों में सन्नाटा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पूरे हिमाचल प्रदेश के मुखिया हैं, न कि किसी एक जिला या अपने पसंदीदा क्षेत्रों के। यदि लाहौल-स्पीति या मनाली में किसी योजना की घोषणा की गई है तो भाजपा उसका स्वागत करती है, लेकिन यह समझ से परे है कि प्रदेश के अन्य हिस्सों की महिलाओं से मुख्यमंत्री को क्या बैर भाव है। 

क्या कांगड़ा, मंडी, ऊना, हमीरपुर, शिमला, सिरमौर और चंबा की महिलाएं हिमाचल की महिलाएं नहीं हैं? क्या सरकार महिलाओं को क्षेत्र के आधार पर बांटकर योजनाएं लागू करना चाहती है? 1500 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी बन चुकी है। यह केवल आर्थिक मामला नहीं है, बल्कि महिलाओं के भरोसे, सम्मान और स्वाभिमान से जुड़ा हुआ गंभीर प्रश्न है। 

कांग्रेस सरकार ने सत्ता पाने के लिए महिलाओं की भावनाओं का इस्तेमाल किया और सत्ता में आते ही उन्हें भूल गई — यह एक सोचा-समझा राजनीतिक छल है। रमा ठाकुर ने मुख्यमंत्री के बयानों की विरोधाभासी स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मनाली की जनसभा का वीडियो ही यह दिखाने के लिए पर्याप्त है कि मुख्यमंत्री स्वयं अपने ही कथनों में उलझे हुए हैं। 

एक ही मंच से वह कहते नजर आते हैं कि हमने लाहौल में ₹1500 दिया, पूरे प्रदेश में दे रहे हैं, और अगले ही क्षण कहते हैं कि अभी लाहौल में दिया है, आज मनाली में घोषणा कर रहे हैं और आने वाले समय में पूरे प्रदेश को देंगे। सवाल यह है कि वह “आने वाला समय” आखिर कब आएगा? और कब तक हिमाचल की महिलाएं इस भ्रम और अनिश्चितता में जीती रहेंगी?

रमा ठाकुर ने स्पष्ट कहा कि भाजपा का रुख बिल्कुल साफ है कि मुख्यमंत्री को बिना किसी देरी के पूरे प्रदेश की महिलाओं को 2022 से लेकर आज तक की पूरी बकाया राशि देने की घोषणा करनी चाहिए। 

प्रदेश को लाहौल, मनाली, किन्नौर या किसी अन्य क्षेत्र में बांटकर योजनाएं लागू करना मुख्यमंत्री पद की गरिमा के खिलाफ है। कांग्रेस को यह समझ लेना चाहिए कि हिमाचल की महिलाएं अब केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि अपने अधिकारों से संतुष्ट होंगी और इस खुले विश्वासघात का लोकतांत्रिक जवाब समय आने पर जरूर देंगी।

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