प्रदेश पुलिस जल्द ही एंटी चिट्टा वालंटियर की करेंगी भर्ती,पुलिस के साथ मिलकर नशे की रोकथाम में देंगे योगदान  

राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय कोटशेरा में शुक्रवार को पुलिस के सहयोग से नशा उन्मूलन एवं जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक तिवारी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर युवाओं को सकारात्मक सोच का संदेश

Nov 1, 2025 - 12:55
Nov 1, 2025 - 13:55
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प्रदेश पुलिस जल्द ही एंटी चिट्टा वालंटियर की करेंगी भर्ती,पुलिस के साथ मिलकर नशे की रोकथाम में देंगे योगदान  
Paras School Sadak Suraksha Doon Valley Deeserve Media
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला   01-11-2025

राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय कोटशेरा में शुक्रवार को पुलिस के सहयोग से नशा उन्मूलन एवं जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक तिवारी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर युवाओं को सकारात्मक सोच का संदेश दिया। 

डीजीपी तिवारी ने घोषणा की कि हिमाचल प्रदेश पुलिस जल्द ही एंटी चिट्टा वालंटियर की भर्ती शुरू करेगी जो राज्य में नशे के खिलाफ अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। यह वालंटियर समाज में जागरूकता फैलाने और पुलिस के साथ मिलकर नशे की रोकथाम में योगदान देंगे। इनके साथ एंटी ड्रग्स टास्क फोर्स दल ने भी महाविद्यालय का दौरा किया और छात्रों को नशे के दुष्परिणामों साइबर अपराधों और सड़क सुरक्षा का महत्व बताया। 

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. मृणालिनी कश्यप के स्वागत भाषण से हुई। एंटी ड्रग कमेटी के आयोजित इस कार्यक्रम में डीजीपी अशोक तिवारी ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि युवाओं को जीवन में सकारात्मक सोच, अनुशासन और समर्पण के साथ आगे बढ़ना चाहिए। 

 हिमाचल प्रदेश की जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। कारागार विभाग ने इसके लिए केंद्रीय गृह सचिव और प्रदेश सरकार को विस्तृत प्रस्ताव भेजा है। पंजाब और हरियाणा की जेलों में शातिर कैदियों की बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए हिमाचल में भी अतिरिक्त एहतियात बरतने की जरूरत महसूस की जा रही है।

विभाग की योजना के अनुसार प्रदेश की सभी 14 जेलों में मोबाइल सिग्नल जैमर लगाए जाएंगे ताकि कैदी जेल के भीतर से किसी भी तरह की बाहरी संपर्क गतिविधि न चला सकें। इसके अलावा जेलों में 24 घंटे सातों दिन हाईटेक सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था करना भी प्रस्तावित है ताकि कैदियों की हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखी जा सके। 

इसके लिए जेलों में सेंट्रल कंट्रोल रूम भी बनाए जाएंगे। जेलों में एंटी रजिस्टर के स्थान पर बायोमैट्रिक एंट्री शुरू करने की भी योजना है, जिसके पहचान पुख्ता रूप से दर्ज हो सकेगी। 

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