हिमाचल की देव संस्कृति का अपनी अलग पहचान , देवता गुडारू की नव निर्मित पालकी की प्राण प्रतिष्ठा में पहुंचे रोहित ठाकुर

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर आज जुब्बल उपमंडल के खनाशनी क्षेत्र के अंतर्गत गिलटाड़ी गाँव में मौजूद थे जहाँ पर उन्होंने देवता गुडारू की नव निर्मित पालकी की प्राण प्रतिष्ठा में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने देवता के मंदिर में शीश नवाया और आशीर्वाद लिया। उन्होने स्थानीय लोगों को इस आयोजन पर शुभकामनाएं दीं और देवता से क्षेत्र की खुशहाली और समृद्धि हेतु प्रार्थना की

Dec 6, 2025 - 19:53
Dec 6, 2025 - 20:13
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हिमाचल की देव संस्कृति का अपनी अलग पहचान , देवता गुडारू की नव निर्मित पालकी की प्राण प्रतिष्ठा में पहुंचे रोहित ठाकुर
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  06-12-2025
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर आज जुब्बल उपमंडल के खनाशनी क्षेत्र के अंतर्गत गिलटाड़ी गाँव में मौजूद थे जहाँ पर उन्होंने देवता गुडारू की नव निर्मित पालकी की प्राण प्रतिष्ठा में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने देवता के मंदिर में शीश नवाया और आशीर्वाद लिया। उन्होने स्थानीय लोगों को इस आयोजन पर शुभकामनाएं दीं और देवता से क्षेत्र की खुशहाली और समृद्धि हेतु प्रार्थना की। रोहित ठाकुर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश देव भूमि के नाम से जाना जाता है और यहाँ कि देव संस्कृति का अपना एक अलग और विशेष रंग है जो सारी दुनिया में और कहीं देखने को नहीं मिलता। हिमाचल प्रदेश में मनाये जाने वाले मेले और त्योहारों में हमारी इस जीवंत संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। 
उन्होंने बताया कि इस प्रकार के अनुष्ठान हमारी देव संस्कृति का प्रतीक है और यह आवश्यक है कि हम सब इन सांस्कृतिक धरोहरों को संजो कर रखे जिससे हमारी महान और अनूठी देव संस्कृति अनंत काल तक संरक्षित रह सके। उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति हमें आपसी प्रेम सद्भाव और मेलजोल का संदेश देती है। जहाँ एक ओर हमें वर्त्तमान वैज्ञानिक युग में वैश्विक परिस्थितियों में सबके साथ आगे बढ़ना होगा, वहीं यह भी ज़रूरी है कि हम अपनी पुरातन और मूल संस्कृति से भी जुड़े रहे। उन्होंने बताया कि इस मंदिर का निर्माण 2022 में किया गया था और आज 6 माह पूर्व निर्मित पालकी की प्राण प्रतिष्ठा पुरे वैदिक विधि से मंत्रोच्चार द्वारा की गयी गई। इस दौरान महिलाओं द्वारा सुन्दर कलश यात्रा भी निकली गई है। 
उन्होंने बताया कि 2023 में गिलटाड़ी गाँव के लिए सम्पर्क मार्ग का निर्माण भी करवाया गया था। गौरतलब है कि गुडारू देवता महासू देवताओं में एक प्रमुख देवता है और गिलटाड़ी के अतिरिक्त झालटा और क्वालटा में इनकी पूजा अर्चना की जाती है। इस शुभ अवसर पर महासू देवता के मूल स्थान हनोल (उत्तराखंड) से बोठा महासू, वाशिक महासू, पवासी महासू और चालदा महासू देवताओं के चिन्ह स्वरूप डोरिया को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। इस अवसर पर निदेशक हिमफेड भीम सिंह झौटा, पूर्व ज़िला परिषद सदस्य मोतीलाल सिथता, देवता कमेटी के सदस्यों सहित सभी विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। 

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