यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 06-03-2026
हिमाचल में राज्यसभा की एक सीट के लिए अनुराग शर्मा के निर्विरोध चुने जाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। इस बीच टिकट न मिलने को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा की नाराजगी की चर्चा भी सामने आई है। इस पर हिमाचल सरकार में कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने प्रतिक्रिया दी है। कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि आनंद शर्मा कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ सदस्य रहे हैं और विभिन्न ओहदों पर अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वे हिमाचल के साथ-साथ राजस्थान से भी राज्यसभा के सदस्य रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि हाईकमान से किसी तरह की नाराजगी होनी चाहिए।
प्रोफेसर चंद्र कुमार चौधरी ने कहा कि कई बार राज्यसभा के टिकट को लेकर मुख्यमंत्री की राय भी ली जाती है और पार्टी आलाकमान सभी पहलुओं पर विचार करता है। समय-समय पर सभी को मौका दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आनंद शर्मा का कार्यकाल और प्रदर्शन अच्छा रहा है और वे एक अच्छे वक्ता हैं। अनुराग शर्मा को उम्मीदवार बनाने का फैसला मुख्यमंत्री और हाईकमान के बीच हुई चर्चा के बाद लिया गया है। अनुराग शर्मा एक युवा नेता हैं। प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि आनंद शर्मा को अब तक गांधी परिवार का पूरा आशीर्वाद मिला है। अगर ऐसा नहीं होता तो उन्हें पिछली बार लोकसभा का टिकट नहीं मिलता। पार्टी ने उन्हें जिताने के लिए पूरी मेहनत की थी, लेकिन भाग्य का साथ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि संगठन और सरकार को समय के साथ कई मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के बाद फैसले लेने पड़ते हैं और आनंद शर्मा को नाराज नहीं होना चाहिए।
कृषि मंत्री ने आपदा राहत को लेकर केंद्र सरकार पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि आपदा के कारण कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ है। बीते साल गगल एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई थी और उन्हें नुकसान के बारे में पूरी जानकारी दी गई थी। नेता प्रतिपक्ष सहित बीजेपी के कई नेता भी उस दौरान मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने 1500 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया था, लेकिन अब तक कोई पैसा नहीं आया है। उन्होंने कहा कि शायद प्रधानमंत्री इस बात को भूल गए हैं और उन्हें अब चिट्ठी लिखनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की थी। अखबारों में मुलाकात की तस्वीरें भी अच्छी आईं, लेकिन अब तक आपदा राहत के लिए कोई पैसा नहीं मिला है। अब यह कहना मुश्किल है कि यह पैसा कब मिलेगा। कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने भांग की खेती को लेकर भी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार ने भांग की नियंत्रित और वैज्ञानिक खेती को लेकर नीति तैयार कर ली है और इसे लागू करने के लिए जल्द ही विधानसभा में विधेयक लाया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार से अनुमति भी मांगी गई है। उन्होंने कहा कि यह पहल औद्योगिक, औषधीय और शोध आधारित उपयोग को ध्यान में रखते हुए की जा रही है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ राज्य के संसाधनों में भी वृद्धि हो सके। सरकारी अनुमानों के अनुसार जब यह विनियमित खेती पूरी तरह लागू होगी तो इससे राज्य के खजाने में सालाना लगभग 500 से 2000 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।