बाबा साहेब के विचारों से प्रेरित होकर मोदी सरकार कर रही है समावेशी भारत का निर्माण : डॉ. सिकंदर कुमार

भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने संसद भवन परिसर, नई दिल्ली में भारत रत्न, श्रद्धेय बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के 70 वें महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का सम्पूर्ण जीवन सामाजिक उत्थान, समानता, श्रमिक कल्याण और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित रहा, जो आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहा है

Dec 6, 2025 - 11:00
Dec 6, 2025 - 11:03
 0  23
बाबा साहेब के विचारों से प्रेरित होकर मोदी सरकार कर रही है समावेशी भारत का निर्माण : डॉ. सिकंदर कुमार
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media
Paras School The Rose Orchid World School Admission Doon Valley Deeserve Media


 
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  06-12-2025

भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने संसद भवन परिसर, नई दिल्ली में भारत रत्न, श्रद्धेय बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के 70 वें महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का सम्पूर्ण जीवन सामाजिक उत्थान, समानता, श्रमिक कल्याण और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित रहा, जो आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहा है। डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि बाबा साहेब केवल भारत के संविधान के शिल्पकार ही नहीं, बल्कि एक महान विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, दार्शनिक, समाज सुधारक और राष्ट्र निर्माता भी थे। 
उनके अथक प्रयासों से आधुनिक लोकतांत्रिक भारत की मजबूत नींव पड़ी। उन्होंने ऐसे समावेशी और सशक्त राष्ट्र की परिकल्पना की, जहां प्रत्येक नागरिक की गरिमा सुरक्षित रहे और सभी को समान अवसर प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि इन्हीं मूलभूत आदर्शों से प्रेरित होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जन कल्याण, सामाजिक न्याय और सुशासन को मजबूती से आगे बढ़ा रही है। डॉ. सिकंदर कुमार ने बताया कि 27 नवंबर 2025 को पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में भारत के संविधान की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की आवक्ष प्रतिमा का अनावरण होना सम्पूर्ण विश्व के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा केवल एक महान भारतीय नेता को श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि न्याय, समानता और मानव गरिमा के सार्वभौमिक प्रतीक के रूप में स्थापित हुई है।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने अपने जीवनकाल में श्रमिकों, किसानों, दलितों और शोषितों के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष किया। गोलमेज सम्मेलनों से लेकर बंबई विधानसभा तक उन्होंने जीवन निर्वाह मजदूरी, उचित कार्य परिस्थितियों, किसानों की मुक्ति और सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन की प्रबल आवाज उठाई। उन्होंने स्वयं श्रमिकों के बीच रहकर उनकी पीड़ा को समझा और उनके कल्याण के लिए इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी की स्थापना की। डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि बाबा साहेब द्वारा प्रस्तुत अनेक श्रम कानून और सामाजिक सुधार आज भी श्रमिकों के जीवन की सुरक्षा की रीढ़ हैं। 
उन्होंने औद्योगिक विवाद विधेयक, खनिक मातृत्व लाभ, कामगार मुआवजा, बॉयलर संशोधन विधेयक सहित अनेक महत्वपूर्ण कानूनों के माध्यम से श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने में ऐतिहासिक योगदान दिया। अंत में डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन हमें यह संदेश देता है कि सामाजिक न्याय, समानता और बंधुत्व ही किसी भी सशक्त राष्ट्र की असली पहचान होती है। भाजपा उनकी विचारधारा को आत्मसात करते हुए “सबका साथ, सबका विकास” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow