13 साल तक कोमा में जिंदगी और मौत के बीच जूझते रहे 32 वर्षीय हरीश राणा ने दुनिया को किया अलविदा
13 साल तक कोमा में जिंदगी और मौत के बीच जूझते रहे 32 वर्षीय हरीश राणा आखिरकार इस दुनिया को अलविदा कह गए। अब उनके जीवन की इस लंबी और दर्दनाक यात्रा का अंतिम पड़ाव भी तय हो चुका
यंगवार्ता न्यूज़ - हमीरपुर 25-03-2026
13 साल तक कोमा में जिंदगी और मौत के बीच जूझते रहे 32 वर्षीय हरीश राणा आखिरकार इस दुनिया को अलविदा कह गए। अब उनके जीवन की इस लंबी और दर्दनाक यात्रा का अंतिम पड़ाव भी तय हो चुका है। हरीश राणा का अंतिम संस्कार बुधवार को सुबह 9 बजे दिल्ली के ग्रीन पार्क शवदाह गृह में किया जाएगा।
यह सिर्फ एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं, बल्कि एक परिवार के 13 साल लंबे संघर्ष, उम्मीद और असहनीय पीड़ा का अंत है। परिवार के करीबी बताते हैं कि बीते 10 दिन उनके लिए सबसे ज्यादा भारी साबित हुए।
सुप्रीम कोर्ट से इच्छामृत्यु की अनुमति मिलने के बाद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान दिल्ली में डॉक्टरों की निगरानी में हरीश की लाइफ सपोर्ट सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से हटाया गया। लेकिन इसके बाद भी उनकी सांसें करीब 10 दिनों तक चलती रहीं।
हर गुजरता दिन, हर चलती सांस परिवार के लिए एक नई उम्मीद और उसी पल एक नई पीड़ा लेकर आती रही। मानो जिंदगी खुद भी जाने से पहले आखिरी जंग लड़ रही हो।
बता दें कि करीब 13 साल पहले चंडीगढ़ में हुए एक हादसे ने हरीश की जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया था। पीजी की चौथी मंजिल से गिरने के बाद वे कोमा में चले गए थे। उस दिन के बाद उनकी आंखें तो बंद हो गईं, लेकिन परिवार की उम्मीदें कभी नहीं टूटीं।
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