आठ अप्रैल से शुरू होगी गेहूं की सरकारी खरीद , सरकार ने तय किया 2550 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी 

जिला सिरमौर में गेहूं  खरीद की प्रक्रिया 8 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। सरकार द्वारा निर्धारित एमएसपी के तहत जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक ने जिला में दो खरीद केंद्र अधिसूचित किए हैं। जहां पर किसान अपना गेहूं बेच सकेगा जिसके लिए विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है। जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक शमशेर सिंह ने बताया कि सरकार के निर्देशों के मुताबिक जिला सिरमौर में आठ अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू होगी

Apr 2, 2026 - 19:15
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आठ अप्रैल से शुरू होगी गेहूं की सरकारी खरीद , सरकार ने तय किया 2550 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी 
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यंगवार्ता न्यूज़ - नाहन  02-04-2026
जिला सिरमौर में गेहूं  खरीद की प्रक्रिया 8 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। सरकार द्वारा निर्धारित एमएसपी के तहत जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक ने जिला में दो खरीद केंद्र अधिसूचित किए हैं। जहां पर किसान अपना गेहूं बेच सकेगा जिसके लिए विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है। जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक शमशेर सिंह ने बताया कि सरकार के निर्देशों के मुताबिक जिला सिरमौर में आठ अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू होगी। 
सरकार द्वारा इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2550 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है , जो कि गत वर्ष के मुकाबले 160 रुपए अधिक है। जिससे किसानों को उनकी फसल का उचित दाम मिल सके। विभाग द्वारा पांवटा साहिब और धौला कुआं को अधिसूचित खरीद केंद्र बनाया है, जहां किसान अपनी फसल बेच सकेंगे। इस वर्ष विभाग ने करीब 10 हजार क्विंटल गेहूं खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया है। लक्ष्य के मुताबिक 7000 क्विंटल पांवटा साहिब और 3000 क्विंटल धौला कुआं से खरीदा जाना है। उन्होंने कहा कि गेहूं बेचने के लिए किसानों को पहले ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य है और यह ऑनलाइन पंजीकरण 1 मार्च से शुरू हो चुका है। 
इसके बिना खरीद प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया जा सकेगा। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक ने बताया कि किसानों को उनकी फसल का भुगतान खरीद के अगले ही दिन ऑनलाइन माध्यम से सीधे उनके खाते में किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों होंगी। वहीं मंडियों में आने वाले गेहूं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नमी की जांच भी की जाएगी। इसके लिए कृषि विभाग दोनों खरीद केंद्रों पर तकनीकी विशेषज्ञों की तैनाती करेगा।

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