डॉ. देविना वैद्य ने संभाला डॉ. वाईएस परमार वानिकी विवि नौणी में निदेशक अनुसंधान का पदभार 

डॉ. देविना वैद्य ने डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में निदेशक अनुसंधान का कार्यभार संभाल लिया है। पोस्ट हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी की विशेषज्ञ डॉ. देविना को शिक्षण, अनुसंधान, प्रशासन और विस्तार कार्यों में 37 से अधिक वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इससे पहले कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री , नेरी की डीन के रूप में सेवाएं दी हैं

Nov 27, 2025 - 19:51
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डॉ. देविना वैद्य ने संभाला डॉ. वाईएस परमार वानिकी विवि नौणी में निदेशक अनुसंधान का पदभार 
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यंगवार्ता न्यूज़ - सोलन  27-11-2025

डॉ. देविना वैद्य ने डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में निदेशक अनुसंधान का कार्यभार संभाल लिया है। पोस्ट हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी की विशेषज्ञ डॉ. देविना को शिक्षण, अनुसंधान, प्रशासन और विस्तार कार्यों में 37 से अधिक वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इससे पहले कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री , नेरी की डीन के रूप में सेवाएं दी हैं और क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण स्टेशन, बजौरा में एसोसिएट डायरेक्टर तथा मुख्य परिसर में खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभागाध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ भी संभाली हैं। डॉ. देविना 1989 में विश्वविद्यालय से जुड़ी थीं। डॉ. देविना ने आईसीएआर , डीएसटी, आईसीएमआर , एमओएफपीआई , फिक्की तथा राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित 11 प्रमुख शोध परियोजनाओं का सफलतापूर्वक संचालन किया है। 
उनका कार्य क्षेत्र फलों , सब्जियों और मशरूम के पोस्ट हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी; कौशल अवसंरचना एवं कृषि-उद्यमशीलता विकास; खाद्य सुरक्षा, नुकसान में कमी तथा पारंपरिक प्रसंस्करण तकनीकों से संबंधित है। डॉ. देविना ने खाद्य प्रौद्योगिकी और फंक्शनल उत्पाद विकास के क्षेत्र में कई पेटेंट दाखिल किए हैं, जिनमें हर्बल फॉर्मूलेशन, जूस संरक्षण, हेल्दी स्नैक्स और कृषि-अवशेषों के उपयोग पर आधारित नवाचार शामिल हैं। डॉ. देविना ने पोस्ट हार्वेस्ट टेक्नोलॉजी, फूड साइंस और संबंधित विषयों में अनेक पीजी , पीएचडी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया है। उनके शोध कार्य प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। 
उन्हें ए.ई.डी.एस. के लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, आई.सी.ए.आर. डॉ. राजेंद्र प्रसाद पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ हिंदी तकनीकी पुस्तक), उमा दत्त ममगई बेस्ट थीसिस अवॉर्ड (मार्गदर्शक के रूप में) सहित कई पुरस्कार जीते हैं। निदेशक अनुसंधान का कार्यभार संभालने के उपरांत, डॉ. देविना ने विश्वविद्यालय की शोध प्रणाली को सुदृढ़ बनाने, औद्यानिकी एवं वानिकी के क्षेत्र में नवाचारों को आगे बढ़ाने और किसानों व समाज के व्यापक हित के लिए प्रभावी तकनीकों के प्रसार की अपनी प्राथमिकताओं बताया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजेश्वर सिंह चंदेल एवं सभी वैधानिक अधिकारियों ने डॉ. देविना को बधाई दी।

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