शिमला पुलिस का अंतर्राज्यीय ड्रग नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, दो मामलों में मुख्य सप्लायर गिरफ्तार, 2026 में अब तक 59 सप्लायर दबोचे
जिला पुलिस शिमला ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बैकवर्ड लिंकेज के माध्यम से दो अलग-अलग मामलों में मुख्य सप्लायरों तक पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार किया है। ASP सिटी मेहर पंवार ने बताया कि इस कार्रवाई से अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार हुआ है
यंगवार्ता न्यूज शिमला 23 जुलाई, 2026 :
जिला पुलिस शिमला ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बैकवर्ड लिंकेज के माध्यम से दो अलग-अलग मामलों में मुख्य सप्लायरों तक पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार किया है। ASP सिटी मेहर पंवार ने बताया कि इस कार्रवाई से अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार हुआ है। पहला मामला पुलिस थाना सदर शिमला में दर्ज एफआईआर संख्या 87/2026 का है। 15 जुलाई 2026 को स्पेशल सेल शिमला ने गुप्त सूचना के आधार पर शहर के एक होटल में दबिश देकर लुधियाना निवासी सागर सिंह (19), आकाश (18) और अंकित कुमार (23) को गिरफ्तार किया। आरोपियों के संयुक्त कब्जे से करीब 21 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई। मामले में धारा 21 और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस हिरासत के दौरान पूछताछ, मोबाइल फोन के डिजिटल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और डिजिटल वित्तीय लेन-देन के विश्लेषण में सामने आया कि बरामद हेरोइन लुधियाना निवासी साहिल शर्मा से खरीदी गई थी। जांच में पता चला कि आरोपी आकाश मुख्य सप्लायर साहिल के लगातार संपर्क में था। तकनीकी विश्लेषण में यह भी सामने आया कि 7 जुलाई 2026 को आकाश ने साहिल के बैंक खाते में 3,000 रुपये ऑनलाइन भेजे थे, जबकि शेष राशि नकद दी जानी थी। मोबाइल डेटा से दोनों के बीच हेरोइन की खरीद-फरोख्त से जुड़ी बातचीत और एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी बरामद हुई, जिसे महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य माना गया।
ASP सिटी मेहर पंवार ने बताया कि इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम लुधियाना भेजी गई और 18 जुलाई 2026 को मुख्य सप्लायर साहिल शर्मा को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में साहिल का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। उसके खिलाफ वर्ष 2023 में चोरी तथा वर्ष 2025 में स्नैचिंग और आपराधिक धमकी से संबंधित मामले दर्ज हैं। दूसरा मामला पुलिस थाना चिड़गांव में दर्ज एफआईआर संख्या 68/2026 का है। 20 जुलाई 2026 को गश्त और नाकाबंदी के दौरान अमृतसर निवासी मनिन्दर सिंह (23) के कब्जे से 16 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। इस संबंध में धारा 21 और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
पूछताछ में मनिन्दर सिंह ने खुलासा किया कि उसने यह हेरोइन अमृतसर निवासी सुखदीप सिंह उर्फ जैस गिल से खरीदी थी। इसके बाद पुलिस टीम अमृतसर पहुंची। विवेचना के दौरान आरोपी ने मेराकोट रोड स्थित उस स्थान की निशानदेही की, जहां से उसने 19 जुलाई को हेरोइन खरीदी थी। मौके पर मौजूद व्यक्ति की पहचान सुखदीप सिंह उर्फ जैस गिल के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक ओप्पो मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसमें वही मोबाइल नंबर सक्रिय मिला, जिसकी पुष्टि आरोपी मनिन्दर सिंह और उसकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड से हुई। उपलब्ध साक्ष्यों और तकनीकी प्रमाणों के आधार पर सुखदीप सिंह उर्फ जैस गिल को धारा 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया।
जिला पुलिस शिमला के अनुसार वर्ष 2026 में नशा तस्करी के विरुद्ध बैकवर्ड लिंकेज पर की गई कार्रवाई पिछले तीन वर्षों में सबसे अधिक रही है। इस वर्ष अब तक पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और केरल सहित विभिन्न राज्यों से 59 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार किए जा चुके हैं तथा 75 अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क ध्वस्त किए गए हैं। इसके मुकाबले वर्ष 2025 की समान अवधि में 7 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार कर 4 नेटवर्क और वर्ष 2024 में 7 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार कर 2 नेटवर्क ध्वस्त किए गए थे। पुलिस का कहना है कि अब उसका फोकस केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं, बल्कि नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क और उसके मुख्य सप्लायरों तक पहुंचकर उन्हें ध्वस्त करने पर है।
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