पहली शिक्षक मां प्रशिक्षण कार्यक्रम में माताओं ने दिखाई प्रतिभा
शिक्षा खंड सतौन में पहली शिक्षक मां कार्यक्रम के तहत माताओ के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सतोन के प्रधानाचार्य एवं बीपीओ जगदीश चंद शर्मा तथा खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार शर्मा ने विधिवत रूप

यंगवार्ता न्यूज़ - सतोन 07-03-2025
शिक्षा खंड सतौन में पहली शिक्षक मां कार्यक्रम के तहत माताओ के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सतोन के प्रधानाचार्य एवं बीपीओ जगदीश चंद शर्मा तथा खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार शर्मा ने विधिवत रूप से किया।
इस कार्यशाला का मुख्य उदेश्य पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में नामांकित बच्चों की माताओं को इस आयुवर्ग के बच्चों के साथ विभिन्न विकास क्षेत्रों से अवगत करवाना था। ताकि माताएं घर पर अपने बच्चों के साथ इन गतिविधियों को करवाए और बच्चों के सर्वागीण विकास में मददगार बन सके। इस कार्यशाला में शिक्षा खण्ड सतौन के अन्तर्गत आने वाली पूर्व प्राथमिक पाठशालाऐं की करीब 15 स्कूलों से माताओं ने इस प्रशिक्षण शिविर में भाग लिया।
मंच को संबोधित करते हुए केआरपी प्रदीप कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार के नेतृत्व में यह कार्यक्रम 13 दिसंबर 2023 को मंडी से प्रारंभ हुआ था। इसका उद्देश्य माताओं को शिक्षा प्रक्रिया में अधिक भागीदारी देने और उन्हें प्रोत्साहित करने का है, क्योंकि बच्चे अपनी माताओं के साथ अधिक समय व्यतीत करते हैं और उनकी शिक्षा में माता की भूमिका अत्यधिक महत्वपूर्ण होती है।
प्रधानाचार्य ने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार की इस पहल को सराहनीय एवं प्रभावी बताते हुए माताओं की भागीदारी को शिक्षण प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम करार दिया।
खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार शर्मा ने मातृशक्ति को नमन करते हुए कहा कि समाज के समुचित विकास के लिए माताओं की भूमिका अति महत्वपूर्ण है। उन्होंने आधुनिक समय में बढ़ते मोबाइल फोन के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए माताओं से अनुरोध किया कि वे अपने बच्चों की मोबाइल स्क्रीन टाइम पर ध्यान दें, क्योंकि इससे बच्चों की शिक्षा और मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है।
कार्यशाला के दौरान केआरपी भीम सिंह ने दो दिवसीय गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को समझाने के लिए माताओं को विभिन्न आयामों से अवगत कराया गया। इस दौरान विभिन्न शिक्षण गतिविधियां करवाई गईं, जिनमें माताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में उपस्थित माताओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम यदि विद्यालय प्रबंधन द्वारा समय-समय पर आयोजित किए जाएं, तो उनकी विद्यालय में रुचि बढ़ेगी और शिक्षण की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
यह कार्यशाला प्रदेश सरकार की पहले शिक्षक मां योजना को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। इससे न केवल माताओं की भागीदारी बढ़ेगी बल्कि विद्यालयों की शिक्षा गुणवत्ता को भी बल मिलेगा।
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