रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति ने उठाई रोजगार और पुनर्वास की मांग, मांगें पूरी होने तक नहीं होने देंगे काम

रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को समिति के अध्यक्ष विजय ठाकुर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में बड़ी संख्या में प्रभावित परिवारों ने भाग लिया और पुनर्वास, रोजगार तथा आधारभूत सुविधाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।

Jun 4, 2026 - 16:43
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रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति ने उठाई रोजगार और पुनर्वास की मांग, मांगें पूरी होने तक नहीं होने देंगे काम

यंगवार्ता न्यूज नाहन, 4 जून, 2026 : 

 रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार को समिति के अध्यक्ष विजय ठाकुर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में बड़ी संख्या में प्रभावित परिवारों ने भाग लिया और पुनर्वास, रोजगार तथा आधारभूत सुविधाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। संघर्ष समिति ने बैठक के बाद हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPPCL) के जीएम अनूप शर्मा के साथ वार्ता कर अपनी मांगें उनके समक्ष रखीं। समिति ने हाउसलेस और लैंडलेस प्रभावित परिवारों के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने की मांग की।

समिति के प्रेस सचिव योगी ठाकुर ने बताया कि संघर्ष समिति ने मांग उठाई है कि रेणुका बांध परियोजना क्षेत्र में कार्य कर रही कंपनियों में कम से कम 70 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को दिया जाए। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों की जमीनें और घर परियोजना के कारण प्रभावित हुए हैं, उन्हें रोजगार में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इस मांग से लगभग 20 पंचायतों के प्रभावित लोगों को लाभ मिलेगा। बैठक में परियोजना के कारण भविष्य में बनने वाली सड़क से जुड़ा मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। समिति ने कहा कि बांध निर्माण के बाद गिरीपार क्षेत्र के लोगों को अतिरिक्त 15 से 20 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ सकती है। इसे देखते हुए मौथु क्षेत्र के आसपास एक पुल का निर्माण किया जाना चाहिए, जिससे गिरीपार के हजारों लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सके और यात्रा दूरी कम हो सके।

संघर्ष समिति ने हाउसलेस प्रभावितों से मांगी जा रही अंडरटेकिंग पर भी आपत्ति जताई। समिति का कहना है कि प्रभावित परिवार बिना किसी अतिरिक्त अंडरटेकिंग के आवास सहायता राशि प्राप्त करेंगे और इस संबंध में अपनी मांग पर अडिग हैं। बैठक में 100 से अधिक लोगों ने भाग लिया। इस दौरान समिति ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक परियोजना से संबंधित किसी भी कार्य को शुरू नहीं होने दिया जाएगा। समिति के सदस्यों ने बताया कि उनकी रेणुका वन मंडलाधिकारी (DFO) से भी मुलाकात प्रस्तावित थी, लेकिन उनके अनुसार संबंधित अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध नहीं मिले, जिसके कारण वार्ता नहीं हो सकी।

संघर्ष समिति ने सरकार और परियोजना प्रबंधन से प्रभावित परिवारों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है।

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