शिमला का एक छोटा सा कस्बा चियोग इन दिनों पूरे प्रदेश में बना चर्चा का केंद्र जानिए कैसे
शिमला जिले का एक छोटा सा कस्बा चियोग इन दिनों पूरे प्रदेश में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चियोग पर्यावरण संरक्षण की एक जीवंत प्रयोगशाला बन गई
यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला 01-03-2026
शिमला जिले का एक छोटा सा कस्बा चियोग इन दिनों पूरे प्रदेश में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चियोग पर्यावरण संरक्षण की एक जीवंत प्रयोगशाला बन गई है। क्लाइमेट स्मार्ट स्कूल का दर्जा प्राप्त इस स्कूल के बच्चों ने वह कर दिखाया है, जो बड़े-बड़े शोधकर्ताओं के लिए चुनौती होता है।
स्कूल के गुलमोहर इको क्लब के छात्रों ने स्कूल से सटे एशिया के सबसे घने जंगल में मानसून की नमी के बीच जंगली मशरूम की 200 से अधिक दुर्लभ प्रजातियों की पहचान करने का दावा किया है।
छात्रों ने केवल मशरूम ही नहीं ढूंढा, बल्कि जियो-टैगिंग के जरिए उनका सटीक वैज्ञानिक रिकॉर्ड भी तैयार किया है। देवदार के पेड़ों, सूखी लकड़ियों और दीमक के टीलों पर पाए गए इन मशरूमों में औषधीय गुणों से भरपूर किस्मों से लेकर बेहद जहरीले मशरूम तक शामिल हैं।
जीपीएस की मदद से अब इन मशरूमों की लोकेशन और प्रजाति को डिजिटल मानचित्र पर ट्रैक किया जा सकता है। पौधों से दोस्ती, बच्चे सुनते हैं पत्तियों की सरसराहट...इको क्लब की प्रभारी सविंता चौहान बताती हैं कि बच्चों का पौधों से ऐसा रिश्ता बन गया है कि वे उनसे बातें करते हैं। बच्चों का मानना है कि पत्तों की सरसराहट पौधों की भावनाएं हैं।
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