हिमाचल प्रदेश में 621 स्कूल मर्ज, डाउन ग्रेड और बंद करने से 1120 शिक्षक होंगे सरप्लस 

हिमाचल प्रदेश में 621 स्कूल मर्ज, डाउन ग्रेड और बंद करने से 1120 शिक्षक सरप्लस हो गए हैं। इन शिक्षकों को अन्य आवश्यकता वाले स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा

Jun 7, 2025 - 20:50
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हिमाचल प्रदेश में 621 स्कूल मर्ज, डाउन ग्रेड और बंद करने से 1120 शिक्षक होंगे सरप्लस 
Paras School Sadak Suraksha Doon Valley Deeserve Media
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यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला     07-06-2025

हिमाचल प्रदेश में 621 स्कूल मर्ज, डाउन ग्रेड और बंद करने से 1120 शिक्षक सरप्लस हो गए हैं। इन शिक्षकों को अन्य आवश्यकता वाले स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा। शुक्रवार को राज्य सचिवालय में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में हुई विभागीय समीक्षा बैठक में कम विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों को लेकर शिक्षा निदेशालय की ओर से लाए गए प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। 

अब मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद इस बाबत अधिसूचना जारी होगी। विद्यार्थियों की शून्य संख्या वाले 72 प्राइमरी, 28 मिडल और 3 उच्च स्कूल डिनोटिफाई (बंद) करने का फैसला लिया गया। दस विद्यार्थियों की संख्या वाले 443 स्कूल मर्ज करने और 75 स्कूलों का दर्जा करने को भी मंजूरी दी गई।

रोहित ठाकुर ने बताया कि शून्य दाखिलों वाले 103 स्कूल बंद और दस संख्या वाले 443 स्कूल मर्ज किए जाएंगे। दस विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों को दो से पांच किमी के दायरे में आने वाले अधिक दाखिलों वाले स्कूलों में समायोजित किया जाएगा। 72 प्राइमरी, 28 मिडल और तीन हाई स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या शून्य है। इन स्कूलों को बंद कर दिया जाएगा। 

203 प्राइमरी स्कूल ऐसे हैं, जहां विद्यार्थियों की संख्या पांच से उससे कम है। इन स्कूलों को दो किमी के दायरे में आने वाले अन्य स्कूलों में मर्ज किया जाएगा। पांच से कम विद्यार्थियों की संख्या वाले 142 प्राइमरी स्कूल ऐसे हैं, जिनके दाे किमी के दायरे में अन्य स्कूल नहीं हैं। इन्हें तीन किमी की दूरी पर मर्ज किया जाएगा।

92 मिडल स्कूलों में दस या उससे कम विद्यार्थी हैं, इन्हें तीन किमी, बीस विद्यार्थियों की संख्या वाले सात उच्च स्कूलों को चार किमी और पांच से दस बच्चों की संख्या वाले 39 उच्च स्कूलों का दर्जा कम कर मिडल कर दिया जाएगा। लड़के और लड़कियाें की कम संख्या वाले 78 स्कूलों को मर्ज कर सह शिक्षा स्कूल बनाया जाएगा। जिला और ब्लॉक स्तर पर 39 स्थानों में लड़के और लड़कियों के अलग-अलग स्कूल चल रहे हैं। इन स्कूलों को मर्ज कर सह शिक्षा बनाया जाएगा।

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