अर्की अस्पताल में कथित मेडिकल लापरवाही का मामला, परिजनों ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
उपमंडल मुख्यालय स्थित सिविल हॉस्पिटल में एक महिला की ऑपरेशन के दौरान हुई मौत को लेकर परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए । इसी कड़ी में ग्रामीणों व परिजनों द्वारा अर्की में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर उपमंडलाधिकारी अर्की निशांत तोमर को शिकायत पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
अर्की 22 मई, 2026 :
उपमंडल मुख्यालय स्थित सिविल हॉस्पिटल में एक महिला की ऑपरेशन के दौरान हुई मौत को लेकर परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए । इसी कड़ी में ग्रामीणों व परिजनों द्वारा अर्की में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर उपमंडलाधिकारी अर्की निशांत तोमर को शिकायत पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता दिनेश शर्मा निवासी गांव छामला, डाकघर दाडलाघाट, तहसील अर्की, जिला सोलन ने बताया कि उनकी सास सीमा शर्मा निवासी गांव चुनाड़-ब्रह्मणा का 20 मई 2026 को अर्की अस्पताल में ऑपरेशन किया गया था। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान ही महिला की मृत्यु हो गई, लेकिन इस गंभीर तथ्य की जानकारी समय पर परिजनों को नहीं दी गई।
परिजनों के अनुसार दोपहर करीब 2 बजे उन्हें केवल इतना बताया गया कि मरीज को अटैक आया है, जबकि वास्तविकता में मरीज की मृत्यु पहले ही हो चुकी थी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अस्पताल प्रशासन ने बिना किसी लिखित अनुमति अथवा मेडिकल रिकॉर्ड दिए स्वयं 108 एम्बुलेंस बुलाकर मृतक महिला के शव को आईजीएमसी शिमला भेज दिया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि जब परिजन लगभग 45 मिनट बाद आईजीएमसी पहुंचे, तब वहां मौजूद डॉक्टरों ने बताया कि महिला की मृत्यु करीब ढाई घंटे पहले ही हो चुकी थी। इस घटना के बाद परिजनों में भारी रोष व्याप्त है। परिजनों ने मामले की सीसीटीवी फुटेज, संबंधित डॉक्टरों की कॉल डिटेल तथा अस्पताल रिकॉर्ड की गहन जांच करवाने की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों और स्टाफ के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की अपील की गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
शिकायत की प्रतिलिपि थाना प्रभारी अर्की तथा बीएमओ अर्की को भी दी गई है।
बता दें कि इस दौरान अर्की सिविल अस्पताल में डायरेक्टर हेल्थ डाॅ गोपाल बैरी तथा जिला चिकित्सा अधिकारी डाॅ अजय पाठक भी पहुंचे । डाॅ गोपाल बैरी ने परिजनों से मुलाकात की व बताया कि उन्होंने इस घटनाक्रम की जांच के लिए एक कमेटी गठित की है जिसमें बाहर के सीनियर डाक्टरों को रखा गया है । जिसकी रिपोर्ट तीन दिन में आ जायेगी व कारणों का पता चल पायेगा ।
इस दौरान 108 एंबुलेंसों की दयनीय स्थिति को लेकर भी ग्रामीणों ने चर्चा की । उन्होंने बताया कि अर्की में 108 एंबुलेंसों की स्थिति इतनी दयनीय है इनमें मरीज को सफर करवाना बहुत ही खतरनाक है । उनके अनुसार 108 एंबुलेंसों की सीटें टूटी होने के कारण मरीज दो से तीन बार गिरने से बचा। उन्होंने इनकी स्थिति सुधारने की भी मांग की ।
इस दौरान हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के विवादित बयान का मामला भी गरमाया । जिसको लेकर ग्रामीणों ने मंत्री से अर्की की जनता से माफी मांगने की मांग की ।
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