राजनीति और शतरंज का गहन सम्बन्ध , दोनों में चलता है शह और मात का खेल : रोहित ठाकुर

शिक्षा मंत्री आज ठियोग में अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस के उपलक्ष्य पर एस. पी. लोहिया फाउंडेशन एवं हिमाचल प्रदेश राज्य शतरंज एसोसिएशन द्वारा आयोजित 13 वर्ष से कम आयु वर्ग की शतरंज प्रतियोगिता के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस प्रतियोगिता में सात स्कूलों के 60 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने अपना वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए बताया कि शतरंज एक बहुत ही रोचक और मनोरंजन खेल है और वह स्वयं भी इस खेल को बहुत पसंद करते

Jul 21, 2026 - 19:51
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राजनीति और शतरंज का गहन सम्बन्ध , दोनों में चलता है शह और मात का खेल : रोहित ठाकुर

यंगवार्ता न्यूज़ - शिमला  21-07-2026

शिक्षा मंत्री आज ठियोग में अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस के उपलक्ष्य पर एस. पी. लोहिया फाउंडेशन एवं हिमाचल प्रदेश राज्य शतरंज एसोसिएशन द्वारा आयोजित 13 वर्ष से कम आयु वर्ग की शतरंज प्रतियोगिता के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस प्रतियोगिता में सात स्कूलों के 60 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस दौरान उन्होंने अपना वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए बताया कि शतरंज एक बहुत ही रोचक और मनोरंजन खेल है और वह स्वयं भी इस खेल को बहुत पसंद करते और खेलते हैं। उन्होंने इस आयोजन पर आयोजनकर्ताओं को विशेष रूप से बधाई दी और यह आशा भी व्यक्त की कि आने वाले समय में भी इस प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन होता रहेगा। 
उन्होंने खेलों के विषय में सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों की चर्चा करते हुए बताया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार प्रदेश के बच्चों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने के साथ-साथ बेहतर खेल सुविधाएं भी प्रदान कर रही है जिसके अंतर्गत शतरंज के खेल का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। ठाकुर राम लाल खेल छात्रावास जुब्बल में इस खेल हेतु 10 सीटें रखी गई हैं। शिक्षा मंत्री ने बताया कि ठियोग विधानसभा क्षेत्र जिला शिमला का एक महत्वपूर्ण भाग है और यहाँ के निवासियों ने ऐतिहासिक रूप से स्वतंत्रता संग्राम के समय से लेकर राजनीति, खेल और अन्य गतिविधियों में वर्तमान समय तक प्रदेश के उत्थान में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि मतियाना स्थित खेल छात्रावास भी जिला का एक प्रमुख खेल संस्थान है और भविष्य में यहाँ पर भी शतरंज के खेल के लिए सीटों का प्रावधान किया जायेगा और प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। 
 
 
 
 
उन्होंने विनोदपूर्ण भाव से बताया कि राजनीति और शतरंज का आपस में एक गहन सम्बन्ध है और दोनों में ही शह और मात का खेल चलता रहता है और इस खेल से बहुत कुछ सीखा और समझा जा सकता है। इस अवसर पर ठियोग विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुलदीप सिंह राठौर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि शतरंज केवल एक खेल नहीं, बल्कि बौद्धिक क्षमता, अनुशासन और तार्किक सोच को विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी इस प्रकार की प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलना चाहिए। 
 
 
 
 
उन्होंने आयोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे आयोजन क्षेत्र में खेल संस्कृति को और अधिक सशक्त बनाएंगे तथा युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे। इस अवसर पर इसके साथ लोहिया फाउंडेशन के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव संजीव ठाकुर, एसडीएम ठियोग डॉ मेजर शशांक गुप्ता, एडिशनल एडवोकेट जनरल महेन्द्र, अधिवक्ता राजेंद्र कश्यप, अधिवक्ता बालकृष्ण बाली, राजेंद्र कँवर, कृषि एवं ग्रामीण बैंक के निदेशक देविंदर नेगी सहित प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। 

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