यंगवार्ता न्यूज़ - हमीरपुर 22-01-2026
जिले के महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने के लिए जिला प्रशासन और जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) की ओर से विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं तथा इन समूहों को बड़े कारोबार के लिए भी प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया जा रहा है। वीरवार को यहां डीआरडीए के हॉल में स्वयं सहायता समूहों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीसी अभिषेक गर्ग ने बताया कि इन समूहों की महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों की बिक्री के लिए हिम ईरा शॉप्स और ग्रामीण हाट में विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। विभिन्न अवसरों पर इन उत्पादों की प्रदर्शनी के अलावा हमीरपुर शहर में डांग क्वाली और दियोटसिद्ध में हिम ईरा शॉप्स में इन समूहों के आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।
एडीसी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे एक सप्ताह के भीतर सभी स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, अमेजन एवं फ्लिपकार्ट पर अपलोड करें। उन्होंने इन उत्पादों की लैब टेस्टिंग करवाकर इनके खाद्य सुरक्षा लाइसेंस प्राथमिकता के आधार पर बनवाने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर में उपलब्ध मशीनरी का भी उपयोग किया जाना चाहिए। एडीसी ने बताया कि विकास खंड नादौन के स्वयं सहायता समूह उमंग न्यू आजीविका और शिवा स्वयं सहायता समूह तथा विकास खंड भोरंज के पटियाल बैग हाउस को अमेजन प्लेटफॉर्म पर सफलतापूर्वक ऑन बोर्ड किया जा चुका है। इसके अलावा विकास खंड बिझड़ी में फूड वैन की शुरुआत कर दी गई है, जिसे देवभूमि सीएलफ द्वारा संचालित किया जाएगा।
इसके माध्यम से स्थानीय खाद्य उत्पादों की बिक्री की जाएगी। एडीसी ने सभी बीडीओ को फूड वैन से संबंधित प्रस्ताव अति शीघ्र एचपीएसआरएलएम शिमला को भेजने के निर्देश दिए। इन फूड वैनों के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपने पारंपरिक व्यंजनों की बिक्री करके आय अर्जित कर सकेंगी। बैठक में स्वयं सहायता समूहों से संबंधित अन्य सभी विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। समूहों की सदस्यों को उद्योग विभाग की योजनाओं की जानकारी भी दी गई। स्किल लैब के अधिकारी डॉ. हिमेश शर्मा और सुधीर शर्मा ने भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। बैठक में डीआरडीए की परियोजना अधिकारी अस्मिता ठाकुर ने समूहों की गतिविधियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।