संशोधित शेड्यूल एम के तहत अनुपालन की समयसीमा समाप्त होते ही फार्मा उद्योग पर नियामकीय कार्रवाई की तैयारी
संशोधित शेड्यूल एम के तहत अनुपालन की समयसीमा समाप्त होते ही देशभर के हजारों गैर अनुपालक फार्मा उद्योग सीधे नियामकीय कार्रवाई की जद में आ गए
यंगवार्ता न्यूज़ - बीबीएन 01-01-2026
संशोधित शेड्यूल एम के तहत अनुपालन की समयसीमा समाप्त होते ही देशभर के हजारों गैर अनुपालक फार्मा उद्योग सीधे नियामकीय कार्रवाई की जद में आ गए हैं। दरअसल 31 दिसंबर को तय डेडलाइन समाप्त होने के बाद केंद्र सरकार की ओर से किसी भी प्रकार की अतिरिक्त मोहलत या राहत का आदेश जारी नहीं किया गया है।
ऐसे में अब नए साल में दवा निर्माण इकाइयों पर निरीक्षण, लाइसेंस निलंबन और लाइसेंस रद्द जैसी सख्त कार्रवाइयों की प्रक्रिया तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। इस स्थिति का असर एशिया के फार्मा हब माने जाने वाले हिमाचल प्रदेश समेत पूरे देश में साफ नजर आने लगा है।
उद्योग जगत में बैचेनी का माहौल है और आने वाले दिनों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। उद्योग से जुड़े आकलनों के अनुसार यह अब तक का सबसे कठोर नियामकीय दबाव माना जा रहा है।
संशोधित शेड्यूल एम के मानकों का पालन न होने की स्थिति में देश की करीब 8500 पंजीकृत लघु एवं मध्यम दवा निर्माण इकाइयों में से 60 प्रतिशत से अधिक के संचालन पर संकट खड़ा हो सकता है। सीमित समय और भारी पूं
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